जसपुर खुर्द में पकौड़ी का ठेला लगाकर घर लौट रहे पिता-पुत्र को अज्ञात बोलेरो ने रौंद दिया। दोनों को सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डाक्टर ने बेटे को मृत घोषित कर दिया। घायल पिता का अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस की कार्यशैली से ग्रामीणों में गहरा रोष है।
आईटीआई थाना क्षेत्र के हिम्मतपुर गांव के रहने वाला प्रताप पकौड़ी की ठेली लगाकर परिवार का भरण पोषण करता है। बुधवार की देर रात जसपुर खुर्द में लगे बाजार में ठेली लगाने के बाद प्रताप (40) अपने बेटे संजू (20) के साथ घर लौट रहा था। बताया जा रहा है कि चैती मंदिर के पास अज्ञात बोलेरो ने दोनों को टक्कर मार दी। जिसमें प्रताप और संजू गंभीर रुप से घायल हो गए।
घायल प्रताप ने वहां से गुजर रहे किसी राहगीर के जरिए घर में हादसे की सूचना पहुंचाई। घटनास्थल पर पहुंचे रिश्तेदारों ने दोनों सरकारी अस्पताल पहुंचाया। डाक्टर ने संजू को मृत घोषित कर दिया। घायल प्रताप को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पीएम हाउस के बाहर एकत्र लोगों ने पुलिस पर सूचना देने के कई घंटे बाद पहुंचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बोलेरो के बारे में जानकारी देने के बाद भी उसको पकड़ा नहीं गया। मृतक संजू की दो छोटी बहने हैं। आईटीआई थाने के प्रभारी एसओ ओमप्रकाश ने बताया कि संजू के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।
दो साल पहले हो चुकी भाई की मौत
हिम्मतपुर गांव के रहने वाले प्रताप और परिवार पर दो साल में दूसरी बार वज्रपात हुआ है। ग्रामीण प्रीतम सिंह ने बताया कि संजू के बड़े भाई जितेंद्र की दो साल पहले हेमपुर स्माइल गांव के पास ट्रक की चपेट में आकर मौत हो चुकी है। नौजवान बेटे की मौत से जैसे तैसे परिवार संभला था कि बुधवार की रात एक और हादसे ने दूसरा बेटा संजू भी छीन लिया। अब घर में दो बेटियां ही बची हुई हैं। हादसे के बाद परिवार बुरी तरह से टूटा हुआ है।