बहन की जेठानी ने एक किशोर को झांसे में लेकर उससे अवैध संबंध बना लिए। आरोप है कि उक्त महिला ने किशोर को समाज में बदनाम करने का भय दिखाकर उससे नकदी और लाखों रुपये मूल्य के जेवरात ऐंठ लिए। किशोर के पिता ने एफटीसी/ विशेष न्यायाधीश पॉक्सो की अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। प्रार्थना पत्र पर सुनवाई कर कोर्ट ने काशीपुर पुलिस को आरोपी महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
एक व्यक्ति ने अपने अधिवक्ता संजीव कुमार के माध्यम से अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर कहा कि उसने अपनी बेटी का विवाह सात वर्ष पूर्व किया था। उसका नाबालिग बेटा अपनी बहन से मिलने के लिए उसकी ससुराल जाता था। आरोप है कि उसकी बेटी की जेठानी ने उसके नाबालिग बेटे को झांसे में लेकर उसके साथ अवैध संबंध बना लिए।
महिला के दबाव में उसका बेटा घर से नकदी और जेवर ले जाकर उसे देता रहा। घर से जेवर और नकदी गायब होने पर जब उसने अपने बेटे से पूछताछ की तो उसने सारी बात बताई। बेटे ने उन्हें बताया कि बहन की जेठानी उसे समाज में बदनाम करने का भय दिखाकर पिछले दस माह से ब्लैकमेल कर रही है। इस बात का खुलासा होने पर उसने अक्तूबर में काशीपुर पुलिस को तहरीर सौंपी लेकिन पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया।
उसने नौ अक्तूबर 2018 को इस आशय का प्रार्थना पत्र एसएसपी को भेजा। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। अदालत में दिए गए प्रार्थना पत्र के साथ उसने पीड़ित किशोर का आधार कार्ड भी लगाया, जिसमें उसकी आयु 18 वर्ष से कम होना पाई गई। प्रार्थना पत्र का संज्ञान लेते हुए एफटीसी/ विशेष न्यायाधीश पॉक्सो की अदालत ने काशीपुर पुलिस को महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।