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भाजपा विधायक की दबंगई, धमकी देने वाले

Fri, 29 Sep 2017 12:42 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, ऊध्ामसिंह नगर
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कोतवाली में विधायक राजकुमार ठुकराल और अन्य। - फोटो : अमर उजाला
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भाजपा विधायक राजकुमार ठुकराल को फोन पर धमकी देने वाले को पुलिस बुधवार रात मेरठ से पकड़ लाई। पुलिस कोई कार्रवाई करती इससे पहले ही कोतवाली में पुलिस के सामने विधायक ने आरोपी युवक को पीट डाला। इस दौरान दरोगा और तीन कांस्टेबल मूकदर्शक बने रहे। कोतवाल भी आधे घंटे तक चली विधायक की इस दबंगई को रोकने के लिए अपने कक्ष से बाहर आने की हिम्मत नहीं जुटा सके। विधायक ने जहां मारपीट की घटना से इनकार किया है वहीं एसएसपी ने पूरे प्रकरण की जांच कराने की बात कही है।
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रुद्रपुर विधायक राजुमार ठुकराल को बीते सोमवार को अज्ञात युवक ने फोन पर जान से मारने की धमकी दी थी। विधायक के भाई संजय ठुकराल की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था। युवक के फोन की सीडीआर निकाली तो उसकी लोकेशन यूपी के मेरठ में मिली। पुलिस बुधवार की रात आरोपी सतीश शर्मा पुत्र लालचंद निवासी पल्लमपुर मेरठ (यूपी) को उसके घर से गिरफ्तार कर रुद्रपुर ले आई। बृहस्पतिवार सुबह विधायक ठुकराल अपने दर्जनों समर्थकों के साथ कोतवाली पहुंचे। कंप्यूटर कक्ष में आरोपी के साथ पूछताछ के साथ ही उसकी पिटाई करनी शुरू कर दी। दरोगा और वहां काम कर रहे तीन कांस्टेबल, किसी ने भी विधायक के इस कृत्य का विरोध नहीं किया। मीडिया कर्मी जब घटना को कैमरे में कैद करने लगे तो कोतवाल ने हस्तक्षेप कर सबको बाहर करा दिया, लेकिन विधायक कमरे में रहे और आरोपी से सवाल-जवाब करते हुए पीटते रहे।

कोतवाल तुषार बोरा का कहना है कि विधायक के आने के दौरान वह कोतवाली में मौजूद नहीं थे। मामला संज्ञान में आने पर वह पहुंचे और विधायक और उनके समर्थकों को कंप्यूटर कक्ष से बाहर निकाला। अगर आरोपी की ओर से विधायक के खिलाफ तहरीर आती है तो कार्रवाई की जाएगी।
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थाने से मिली जमानत
पुलिस ने विधायक को धमकी देने के आरोपी सतीश शर्मा के खिलाफ 504 और 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया। देर शाम थाने से ही आरोपी को जमानत देकर उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। 

दरोगा ने माफी मंगवाई
रुद्रपुर। बताया जा रहा है कि विधायक हर सवाल पर सतीश को थप्पड़ मार रहे थे, तब वहां मौजूद दरोगा ने आरोपी को विधायक के पैरों में झुकाकर माफी मांगने को कहा। दरोगा ने एक बार भी विधायक को मारपीट करने से मना करना उचित नहीं समझा। विधायक ने आरोपी के गाल पर छह थप्पड़ मारे।

मीडिया कर्मियों से भाजपाइयों ने की अभद्रता
विधायक जब आरोपी से पूछताछ कर रहे थे तो मीडिया कर्मी इसकी कवरेज करने लगे। इस पर विधायक समर्थक भाजपा कार्यकर्ता मीडिया कर्मियों के फोन चेक कर वीडियो और फोटो डिलीट करने लगे। मीडिया कर्मियों ने इसका विरोध भी किया।

कोतवाली में विधायक द्वारा आरोपी के साथ मारपीट करने का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस कस्टडी में किसी के साथ मारपीट करना गलत है। कोतवाली पुलिस को भी आरोपी को विधायक के सामने लाने की लापरवाही नहीं करनी चाहिए थी। पूरे प्रकरण की जांच करवाने के बाद मामले में दोषी पाये जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. सदानंद दाते, एसएसपी ऊधमसिंह नगर

मेरठ निवासी सतीश शर्मा ने तीन दिन पहले मुझे मोबाइल पर जान से मारने की धमकी दी थी। सतीश की गिरफ्तार होने पर मैं उससे कोतवाली में इस बात का जवाब लेने गया था कि उसने किसके कहने पर और क्यों धमकी दी। इस दौरान मैंने उसके साथ किसी तरह की मारपीट नहीं की और कोई कार्यकर्ता भी मेरे साथ मौजूद नहीं था।
-राजकुमार ठुकराल, विधायक रुद्रपुर

कोतवाली में हो सकता था बखेड़ा
कोतवाली में आरोपी के साथ की गई मारपीट से बखेड़ा हो सकता था। आरोपी को पीटने के दौरान विधायक के साथ आधा दर्जन समर्थक भी थे, वहीं कोतवाली के बाहर चोरी के मामले के खुलासे को लेकर पहुंचे कांग्रेसियों की भीड़ जमा थी। ऐसे में अगर कोई कांग्रेसी विधायक की इस दबंगई का विरोध करता तो कोतवाली में भाजपा-कांग्रेस कार्यकर्ताओं में टकराव की नौबत आ सकती थी, जिसे कोतवाली में मौजूद मुट्ठी भर पुलिस के लिए रोकना बड़ी चुनौती बनता। 
 
लेनेदेन का निपटारा करने के बाद मिली थी विधायक को धमकी
विधायक राजकुमार ठुकराल को फोन पर जान से मारने की धमकी देने का मामला कुछ दिन पूर्व विधायक द्वारा लेनदेन के एक मामले में मध्यस्थता करने के बाद हुआ। विधायक राजकुमार ठुकराल के अनुसार, सिडकुल स्थित टेक्स्टाइल कंपनी के प्रबंधक का किसी व्यक्ति के साथ एक करोड़ 42 लाख का लेनदेन था। 25 सितंबर को उन्होंने मामले को लेकर एक पंचायत करवाई, जिसमें कंपनी प्रबंधन ने पीड़ित को तीन लाख नगद दिए और हर माह सात लाख रुपये (भुगतान पूरा होने तक) देने का समझौता कराया था। इसके बाद से ही कंपनी प्रबंधन उनसे रंजिश रखने लगा। उसी के द्वारा ही सतीश के माध्यम से धमकी दिलाई गई। 
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