फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सावधान जिले के कई शहरों में पहुंच गये हैं जाली नोट

Wed, 31 Aug 2016 12:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर
विज्ञापन
अाराोपी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
यदि आप बाजार में खरीददारी करने जा रहे हैं तो सतर्क रहिये कहीं कोई आपको जाली नोट थमाकर चूना ना लगा दे। शहर व आसपास के क्षेत्रों में हजारों की संख्या में जाली नोट पहुंच गए हैं। मंगलवार को ट्रांजिट कैंप पुलिस द्वारा जाली नोट बनाने वाले आरोपी को पकड़ने के बाद इस बात का खुलासा हुआ है। पकड़े गये आरोपी से पुलिस ने बीस हजार के जाली नोट बरामद किये हैं, लेकिन मुख्य आरोपी 50 हजार के जाली नोटों के साथ अभी फरार है।
विज्ञापन



मुखबिर की सूचना पर ट्रांजिट कैंप पुलिस ने थानाध्यक्ष सुशील कुमार के नेतृत्व में चामुंडा मंदिर ट्रांजिट कैंप निवासी विनोद मौर्य पुत्र रामदेव मौर्य को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में विनोद ने बताया वह धोबीघाट निवासी राजू के साथ मिलकर आजादनगर निवासीे राजकरण पुत्र हरबन सिंह के मकान में किराये पर कमरा लेकर नकली नोटों को छापने का काम करता था। करीब तीन माह पूर्व उसकी राजू से मुलाकात हुई थी। 

तब से वह राजू के साथ मिलकर जाली नोट छापने का काम कर रहा है। कमरे की तलाशी के दौरान पुलिस ने पांच सौ के 29 और 100 रुपये के 57 नोट ,एक तरफा छपे पांच और दो तरफा छपे चार नोट के साथ ही एक स्कैनर, 140 सफेद बांड पेपर, 4 इंक कार्टिज, दो सर्जिकल ब्लेड, एक कटर, एक तख्ती और एक रोलर बरामद किया है। 
विज्ञापन


पूछताछ के बाद आरोपी विनोद के खिलाफ कार्यवाही कर उसे जेल भेजने की तैयारी की जा रही है। मकान मालिक राजकरण के खिलाफ भी पुलिस एक्ट के तहत कार्यवाही की गई है। इधर विनोद का कहना है कि वह कमरे में रहकर नोटों को छापता था और राजू नोटों को बाजार में चलाता था। पुलिस की धरपकड़ से पहले राजू 50 हजार के जाली नोट लेकर फरार हो गया।

कर्ज चुकाने को आया जरायम की दुनिया में
नकली नोटों का कारोबार करने वाला विनोद गोरखपुर का मूल निवासी है। रुद्रपुर के एक स्कूल से 12वीं पास करने के बाद रोजगार ना करने पर परिजनों की डांट से उसने तीन महीने पहले घर छोड़ा, इसी दौरान उसकी मुलाकात राजू से हुई और राजू ने ही उसे आजाद नगर में किराये पर कमरा दिलाया और खर्चा चलाने के लिए अपने मामा आशीश से बीस हजार रुपये भी दिलवाये। कुछ समय बाद राजू ने विनोद से रकम मांगी लेकिन विनोद के पास लौटाने के लिए रुपये नहीं थे। और राजू ने विनोद को पैसे चुकाने के लिए नकली नोट छापने के काम में लगा दिया।

पिलीभीत से जुड़ा है नकली नोटों का कारोबार 
यहां नकली नोटों का करोबार पीलीभीत से भी जुड़ा है। राजू ने पीलीभीत पोरीगंज निवासी एक व्यक्ति के साथ मिलकर सबसे पहले जाली नाटों का कारोबार शुरू किया। काम सीखने के बाद राजू ने सबसे पहले दस और बीस रुपये के जाली नोट छापे उसके बाद 100 और पांच सौ के नोटों पर हाथ आजमाया। रुद्रपुर में काम करने के दौरान भी राजू का पीलीभीत आना-जाना लगा रहता था। नोट छापने के लिए प्रिंटर और काटेज दिल्ली से खरीदे गये थे।

रुद्रपुर की मंडी में भी चलाये जाली नोट
जाली नोटों का कारोबार चलाने वाले राजू ने रुद्रपुर मंडी में भी पांच हजार के जाली नोट चलाये लेकिन ना ही कोई व्यापारी उसे भांप पाया और ना पुलिस को इसकी भनक लगी। शराब की दुकान और पेट्रोल पंप पर सौ रुपये के जाली नोट चलाने के बाद पकड़ में नहीं आने पर राजू की हिम्मत बड़ी और उसने बड़े स्तर पर नोट छापने का काम शुरू कर दिया।

आस पास के क्षेत्रों में भी पहुंची है जाली नोटों की खेप
रुद्रपुर के साथ ही शक्तिफार्म, बाजपुर, किच्छा और दिनेशपुर में भी नकली नोटों की खेप पहुंची है। फरार आरोपी राजू का धोबीघाट के साथ ही शक्तिफार्म और दिनेशपुर में भी घर है। इसलिए इन जगहों पर भी राजू द्वारा जाली नोट पहुंचाये गये। पकड़े गये आरोपी विनोद के अनुसार एक माह पूर्व राजू ने काशीपुर, बाजपुर और किच्छा में भी जाली नोटों की खेप पहुंचाई थी।

भेष बदलकर करता है कारोबार
जाली नोटों का कारोबार चलाने वाला फरार अभियुक्त राजू हर जगह अपना भेष बदलकर अपना कारोबार चलाता है। एसओ सुशील कुमार द्वारा की गई पूछताछ में विनोद ने बताया कि राजू अक्सर पंजाबी युवक का भेष बनाता था और बंगाली समुदाय के लोगों के बीच अधिक रहता है। 

कछुआ तस्कर भी है राजू
जाली नोटों का कारोबार चलाने वाला राजू कछुआ तस्कर के नाम से भी जाना जाता है। लालकुआं, किच्छा, सितारगंज और रुद्रपुर थाने में राजू के ऊपर कछुआ तस्करी के मामले दर्ज होने पर वह चार बार जेल की सजा भी काट चुका है। 

पहले भी बरामद हुए हैं लाखों के जाली नोट
ट्रांजिट कैंप में पहली बार जाली नोटों का कारोबार नहीं पकड़ा गया है। इससे पहले 27 अगस्त 2015 में भी ट्रांजिट कैंप पुलिस ने थाना प्रभारी सुशील कुमार के नेतृत्व में एक लाख चालीस हजार के जाली नोटों के साथ तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें