दो पक्षों में हुई मारपीट में बीच बचाव को आए एक पक्ष के ग्रामीण की लाठी-डंडों से हमला कर हत्या कर दी गई। मृतक के भाई की तहरीर पर पुलिस ने आठ लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। शनिवार को एसएसपी बरिंदरजीत सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं।
पुलिस के अनुसार दो साल पहले ग्राम पत्थरकुई निवासी रफीक अहमद उर्फ नन्हे ने गांव के ही यूनुस की पुत्री फरनाज का निकाह ग्राम मसवासी में रहने वाले अपने साले शरीफ से कराया था। विवाह के कुछ माह बाद से फरनाज की अपने पति और ससुरालियों से अनबन होने लगी थी। कई बार की पंचायत के बाद भी मामला नहीं सुलझा। फरनाज के मायके पक्ष के लोगों का इस मामले में रफीक अहमद के अक्सर विवाद होता रहता था।
शुक्रवार रात नौ बजे फरनाज को लेकर की गई किसी टिप्पणी पर यूनुस पक्ष के लोग रफीक अहमद के घर आ धमके और रफीक, उसकी पत्नी शमीम और भतीजे नबी अहमद की पत्नी नाजमा से मारपीट कर दी। चाचा रफीक के साथ मारपीट की जानकारी होने पर उसका भतीजा निजामुद्दीन (45) अपने भाई सिराजुद्दीन के साथ मौके पर पहुंचा और बीच-बचाव कराने लगा। आरोप है कि यूनुस पक्ष के लोगों ने दोनों को घेर कर उन पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। हमले में निजामुद्दीन बुरी तरह घायल होकर अचेत हो गया। लोगों की भीड़ बढ़ने पर हमलावर मौके से भाग गए। परिजन निजामुद्दीन एवं सिराजुद्दीन को गदरपुर अस्पताल ले गए। वहां से जिला अस्पताल और फिर रुद्रपुर के निजी अस्पताल से हल्द्वानी ले जाते समय निजामुद्दीन ने रास्ते में दम तोड़ दिया। परिजन उसके शव को गदरपुर ले आए।
सूचना पर थानाध्यक्ष ललित मोहन जोशी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और निजामुद्दीन के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। शनिवार को एसएसपी बरिंदरजीत सिंह, एएसपी डॉ. जगदीश चंद्र, एसपी क्राइम प्रमोद कुमार ने घटनास्थल का मुआयना कर आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
मृतक के भाई नबी अहमद की तहरीर पर पुलिस ने निजाम, कलुआ, फरीद, भूरा, मोहसिन, फरमान, हरफान और यूनुस निवासी पत्थरकुई के खिलाफ आईपीसी की धारा 302, 147, 148, 149, और 307 में मामला दर्ज कर लिया। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।