आपसी रंजिश के चलते छात्रों के दो गुटों के बीच मारपीट हो गई। आरोप है कि एक पक्ष के छात्र ने दूसरे पक्ष के बीसीए के छात्र पर तमंचे से दो फायर झोंक दिए। फायरिंग की आवाज से कॉलोनी में भगदड़ मच गई। लोगों के जमा होने पर आरोपी भाग गए। पुलिस ने वहां मौजूद लोगों से घटना की जानकारी ली। देर रात तक प्राथमिकी दर्ज नहीं हो सकी है।
गढ़वाल कॉलोनी निवासी साहिल ध्यानी (20) पुत्र मुकेश ध्यानी काशीपुर के एक संस्थान में बीसीए चतुर्थ सेमेस्टर का छात्र है। इसी संस्थान से श्यामपुरम कॉलोनी निवासी एक अन्य छात्र बीबीए कर रहा है। ये दोनों छात्र इससे पूर्व एक इंटर कॉलेज में पढ़ते थे। तभी से दोनों के बीच विवाद की स्थिति बनी थी। बताते हैं कि कई बार उनमें हाथापाई भी हो चुकी है।
शुक्रवार को पुरानी मंडी स्थित एक रिजॉर्ट में एक प्रत्याशी के चुनाव कार्यक्रम में भी उनके बीच हाथापाई हो गई। तब वहां कार्यकर्ताओं ने बीच बचाव करा दिया था। वहां से जाने के बाद दोनों पक्ष एक-दूसरे को फोन पर देख लेने की धमकी देते रहे। बताया जाता है कि एक पक्ष के लोगों ने साहिल व उसके दोस्तों को ललकारते हुए पहले सुभाष पार्क बुलाया और फिर गिरीताल स्थित मंदिर के पास आने का कहा। इस पर साहिल अपने साथ चार युवकों को लेकर वहां पहुंचा। कुछ देर बाद कई मोटरसाइकिलों से करीब 12 युवक भी वहां आ धमके। गिरी सरोवर के पास दोनों पक्ष आपस में भिड़ गए।
आरोप है कि बाइकों से आए लोगों ने तमंचे से साहिल पर दो फायर झोंक दिए, जिसमें वह बाल-बाल बच गया। फायरिंग की आवाज सुनकर पार्षद विजय कुमार बॉबी, अधिवक्ता संजीव कुमार आकाश समेत तमाम लोग वहां पहुंचे। इस पर हमलावर फरार हो गए।
अधिवक्ता संजीव आकाश ने कोतवाली और कटोराताल चौकी पुलिस को फायरिंग के संबंध में सूचना दी। इस पर एसएसआइ विनोद जोशी, उपनिरीक्षक दिनेश बल्लभ, गणेश पांडे आदि ने मौके पर पहुंचकर वहां लोगों से घटना की जानकारी जुटाई। उन्होंने साहिल ध्यानी से भी घटना के बारे में जानकारी की। पुलिस ने हमलावरों की तलाश में उनके ठिकानों पर दबिशें दीं। लेकिन कोई हाथ नहीं लग सका।
गिरीताल मंदिर के पास फायरिंग की सूचना मिली थी। इस मामले में छात्रों के बीच आपसी रंजिश होने की बात सामने आई है। घटना के संबंध में अभी कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
मनोज कुमार ठाकुर, सीओ, काशीपुर।
असामाजिक तत्वों का अड्डा बना गिरीताल
काशीपुर। गिरीताल सरोवर के आसपास असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहने से कालोनी के लोगों में रोष है। उनका कहना है कि नशेड़ी प्रवृत्ति के कुछ लोगों ने गिरीताल परिसर को अपना अड्डा बना लिया है। इससे श्रृद्धालुओं को मंदिर आने-जाने में दिक्कत होती है। एडवोकेट सिंधु आकाश ने बताया कि घटना के समय वह मंदिर से पूजा करके लौट रही थी।
फायर की आवाज सुनकर वह डर गई। मंदिर के आसपास मौजूद श्रृद्धालुओं में भय का माहौल पैदा हो गया। इससे पूर्व भी गिरीताल परिसर में असामाजिक तत्वों के बीच मारपीट की घटनाएं होती रहती हैं। उनका कहना है कि इस संबंध में कई बार पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन इसके बाद भी वहां असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।