खेत पर जा रहे ग्राम प्रधान पर कुछ लोगों ने ट्रैक्टर चढ़ाकर जान से मारने का प्रयास किया। हमले में प्रधान के साथी को चोट लगी है। उसे नगर के सीएचसी में दाखिल कराया गया। प्रधान ने नौ लोगों के खिलाफ पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
खैराना ग्रामसभा के प्रधान जसवंत सिंह पुत्र अर्जुन सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में कहा कि बृहस्पतिवार सुबह करीब आठ बजे वह अपने भाई रंजीत सिंह की बाइक (यूके06यू-2740) से खेत पर जा रहे थे। गांव के ही उनके साथी चरनजीत सिंह और कमलजीत सिंह पुत्र दर्शन सिंह भी बाइक (यूके06एएल-6754) से उनके साथ चल दिए।
रास्ते में ट्रैक्टर सवार चार महिलाओं समेत नौ लोगों ने उन पर ट्रैक्टर चढ़ाने का प्रयास किया। ट्रैक्टर से बचने के लिए बाइक से नीचे उतरकर साइड में कूद गए, लेकिन कमलजीत की बाइक ट्रैक्टर के नीचे आ गई और ट्रैक्टर उसके पैरों पर चढ़ गया। आरोप लगाया कि आरोपियों ने कमलजीत के ऊपर दो तीन बार ट्रैक्टर चढ़ाने का प्रयास किया। कहा कि आरोपियों के पास लाठी डंडों के अलावा तलवार और तमंचा भी था।
आरोपियों से बमुश्किल जान बचाकर तीनों भागे और हमले में घायल कमलजीत को सीएचसी में भर्ती कराया। प्रधान पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। खबर लिखे जाने तक पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया था। खंड शिक्षाधिकारी (बीईओ) गोपाल राम आर्य ने बृहस्पतिवार को जौलासाल वन क्षेत्र से सटे डैमपार के दो गांवों में संचालित सरकारी, प्राइवेट स्कूलों का आकस्मिक निरीक्षण किया।
इस दौरान बिना मान्यता के संचालित प्राइवेट स्कूल को बीईओ ने तत्काल बंद करा दिया और वहां अध्ययनरत छह से आठवीं तक के 52 बच्चों को गांव के राजकीय हाइस्कूल में दाखिल दिलाया। साथ ही एक से पांचवीं के 109 बच्चों को प्राइमरी स्कूल में एडमिशन दिलाने के निर्देश दिए। बीईओ ने बताया कि ऐंचता का प्राइमरी स्कूल समय से पूर्व ही बंद मिला। निरीक्षण की रिपोर्ट सीईओ को भेजी जाएगी।
बीईओ आर्य ने डैमपार के ग्राम ऐंचता विही में संचालित त्रिलोकमणि प्राइवेट स्कूल चेक किया तो पता चला कि स्कूल प्रबंधन ने वर्ष 2012 में पांच वर्ष के लिए पांचवीं तक की अस्थायी मान्यता ली थी। जोकि, समाप्त हो चुकी है। बावजूद इसके स्कूल का संचालन नियम विरुद्ध किया जा रहा था।
इस पर बीईओ आर्य ने स्कूल बंद करा दिया और पास ही स्थित राजकीय हाइस्कूल के प्रधानाचार्य को मौके पर बुलाकर प्राइवेट स्कूल में कक्षा छह से आठवीं तक अध्ययनरत 52 छात्र-छात्राओं तत्काल दाखिला दिलाया। उन्होंने बच्चों की उपस्थिति पंजिका भी प्रधानाचार्य को सौंपी।
कक्षा एक से पांचवीं तक के 109 बच्चों को प्राइमरी स्कूल में प्रवेश देने के निर्देश दिए। बीईओ ने बताया कि राजकीय हाइस्कूल ऐंचता विही के पांच अध्यापकों में से दो उपस्थित, तीन अध्यापक अवकाश पर मिले। 178 बच्चों में से 144 बच्चे उपस्थित थे। प्राइमरी स्कूल ऐंचता विही नवीन के निरीक्षण में चार अध्यापकों में से एक सिर्फ उपस्थित मिले।
उनके द्वारा एक अध्यापक की अनुपस्थिति, दो के बीआरसी कार्यालय जाना बताया। 86 बच्चों में से 33 बच्चे उपस्थित थे। प्राइमरी स्कूल गिधौर में दो शिक्षकों में से एक उपस्थित मिले। 30 बच्चों में से सात बच्चे उपस्थित पाए। ऐंचता का प्राइमरी स्कूल 11:30 बजे बंद मिला। बताया कि स्कूलों में मिली खामियों पर कार्रवाई की संस्तुति कर मुख्य शिक्षाधिकारी डॉ. पीएन सिंह को रिपोर्ट भेजी जाएगी।