कच्ची शराब के तस्करों की धरपकड़ के लिए आबकारी टीम पर करीब 24 लोगों ने हमला बोल दिया। हमलावरों ने विभाग की गाड़ी घेरकर उसके शीशे तोड़ दिए और आबकारी निरीक्षक समेत अन्य कर्मियों के साथ हाथापाई करने की कोशिश भी की। बमुश्किल गाड़ी दौड़ाकर आबकारी कर्मियों ने अपनी जान बचाई। आबकारी निरीक्षक की तहरीर पर पिता और बेटे समेत 18 से अधिक के खिलाफ आईटीआई थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
शुक्रवार सुबह करीब छह बजे मुखबिर की सूचना पर आबकारी निरीक्षक महेंद्र बिष्ट टीम के साथ निजी वाहन संख्या (यूके18डी/1550) से शराब तस्करों की धरपकड़ के लिए आईटीआई क्षेत्र के ग्राम बेगमाबाद पहुंचे थे। उनके साथ उप आबकारी निरीक्षक देवेंद्र कुमार के अलावा पीआरडी जवान जसवंत सिंह, राजेश सिंह और संजीव कुमार भी थे। टीम ने मौके पर तीन लोगों को भट्ठियों पर शराब बनाते पाया।
आबकारी कर्मियों ने घेराबंदी कर उन्हें दबोचने का प्रयास किया तो वे भाग निकले। टीम ने मौके से 70 लीटर शराब बरामद कर वहां सैकड़ों लीटर लहन और शराब बनाने के उपकरण नष्ट कर दिए। शराब बरामदगी के बाद टीम लौट रही थी। रास्ते में जसवंत सिंह और उसके दो बेटों प्रेम सिंह तथा तरसेम सिंह ने 18-19 अन्य लोगों के साथ उन्हें घेर लिया। इन लोगों ने लाठी-डंडों व पत्थरों से हमलाकर गाड़ी के शीशे तोड़ डाले और उनके साथ भी हाथापाई करने का प्रयास किया।
हमलावरों ने गाली गलौच करते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। किसी तरह वे गाड़ी दौड़ाकर अपनी जान बचाकर भागे। आबकारी निरीक्षक महेंद्र बिष्ट ने आईटीआई थाने पहुंचकर मामले की तहरीर सौंपी। थाना प्रभारी कुलदीप सिंह अधिकारी ने बताया कि तहरीर के आधार पर ग्राम मुकंदपुर के जसवंत, उसके दोनों बेटों प्रेम तथा जसवंत समेत अन्य के खिलाफ धारा 147,148, 353,332, 504 व 506 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि आरोपी अपने घरों से फरार चल रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
संसाधनों और कर्मियों का अभाव, शराब तस्करों की पौ बारह
काशीपुर। राजस्व वसूली में प्रमुख आबकारी विभाग के पास कर्मियों और संसाधनों का टोटा बना हुआ है। सर्किल की जिम्मेदारी होने के बावजूद विभाग में स्वीकृत सात पदों के सापेक्ष अभी तीन कर्मी ही नियुक्त है। इन पर अवैध शराब की धरपकड़, सरकारी ठेकों से राजस्व वसूली के अलावा सर्किल के थानों द्वारा बरामद की जाने वाली शराब की जांच की जिम्मेदारी है।
इसके चलते अवैध शराब की तस्करी काशीपुर में आबकारी विभाग का कार्यालय सिंचाई विभाग के भवन में चल रहा है। इस कार्यालय के लिए एक आबकारी निरीक्षक, एक उप आबकारी निरीक्षक, दो हेड कांस्टेबल, तीन आरक्षी पद स्वीकृत है। लेकिन वर्तमान में यहां एक आबकारी निरीक्षक, एक उप आबकारी निरीक्षक और एक महिला आरक्षी तैनात है।
असलहे का काम डंडो से ही चलाना चल पड़ रहा है। विभाग द्वारा निरीक्षक को आवंटित किया गया पिस्टल डेढ़ साल पूर्व लाइसेंस नवीनीकरण के लिए भेजा गया है। आबकारी कार्यालय को विभाग द्वारा कोई वाहन उपलब्ध नहीं कराया गया है। बृहस्पतिवार को ही जिला आबकारी कार्यालय से एक गाड़ी तीन दिनों के लिए काशीपुर कार्यालय को उपलब्ध कराई गई है।
लेकिन मरम्मत के अभाव में दबिश के लिए बोलेरो कार नहीं ले जाई जा सकी। जिसके चलते दबिश में निजी वाहन का उपयोग करना पड़ा। संसाधनों व कर्मियों के अभाव में आबकारी टीम कच्ची शराब की धरपकड़ के लिए दबिशे नहीं दे पाती। जिस कारण ग्रामीण क्षेत्रों में कच्ची शराब का धंधा चरम पर है।