एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले की जांच कर रही एसआईटी कमीशन के लालच में अपने खातों में रकम डलवाने वालों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है। जांच में काशीपुर में ऐसे मामले पकड़े जाने के बाद स्टांप वेंडर जेल जा चुका है। जल्द ही एसआईटी ऐसे खाताधारकों को तलब कर सकती है। मामले में एक अधिवक्ता भी एसआईटी के रडार पर है।
काशीपुर के कुंडा थाना क्षेत्र के कुछ किसानों की जमीन की बैक डेट में 143 कराई गई थी। इसके चलते किसानों को मिली मुआवजे की रकम के कमीशन के हिस्से रकम को योजनाबद्ध तरीके से काशीपुर के कुछ लोगों के खातों में डलवाया गया था। खाताधारकों को अपने खाते में रुपये डलवाने की एवज में कुछ हजार रुपये देने का लालच दिया गया था। मुफ्त में कमीशन मिलने के लालच में उक्त लोगों ने रकम अपने खातों में डलवाई थी। इन खातों से रकम दूसरे खाताधारकों के खातों में ट्रांसफर की गई, उसके बाद पूरी रकम की बंदरबांट की गई थी। ऐसे ही मामले में एक अधिवक्ता की भी अहम भूमिका रही थी।
बताया जा रहा है कि कुछ लोगों को तो रकम डलवाने की एवज में मिलने वाला कमीशन भी रकम निकालने के बाद नहीं दिया गया था। जब एसआईटी ने मुआवजा घोटाले की जांच की तो ऐसे मामले भी पकड़ में आए थे। इसके बाद एसआईटी ने एक करोड़ से अधिक रकम को अपने खाते में डलवाकर निकलवाने वाले स्टांप वेंडर जीशान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जीशान की गिरफ्तारी के बाद से ही रकम डलवाने और निकलवाने वालों में हड़कंप मचा हुआ है। एसआईटी जांच में ऐसे लोगों को चिन्हित कर शिकंजा कसने की तैयारी है। एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने कहा कि ऐसे मामलों की जांच हो रही है। जांच में जिन लोगों के खिलाफ साक्ष्य मिलेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।