खटीमा में करीब तीन सप्ताह पहले घायल रोहित अग्रवाल की मौत के मामले में मृतक की मां ने कोतवाली पुलिस में तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराकर जांच की गुहार लगाई है। पुलिस ने धारा 394 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कोतवाली पुलिस में दर्ज रिपोर्ट में उईनखेड़ा निवासी गीता देवी ने कहा है कि उसका बेटा रोहित अग्रवाल अपने मित्र वार्ड संख्या 14 निवासी रवि बिष्ट के साथ झनकट गया था। दोनों को 19 मार्च की रात करीब 11 बजे एंबुलेंस से सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार के बाद रवि को अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया तो रोहित को सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी रेफर कर दिया गया। रोहित की रास्ते में मौत हो गई। शव का पोस्टमार्टम 21 मार्च को सुशीला तिवारी अस्पताल में कराया गया। आरोप लगाया कि 23 मार्च को मृतक के साथी रवि बिष्ट ने बताया कि 19 मार्च को कंजाबाग निवासी संजू बम, जसारी निवासी प्रकाश भूरी और अधिकारी ने रोहित और रवि को झनकट बुलाया। दोनों के साथ मारपीट कर नकदी और मोबाइल छीन लिया। इसके बाद दोनों दोस्त अपनी स्कूटी से खटीमा आ रहे थे और दुर्घटना हो गई। रिपोर्ट में कहा है कि रवि बिष्ट के बयान के अनुसार रोहित को मारपीट के दौरान काफी चोटें आई थीं। जिससे उसके पेट एवं सीने में काफी दर्द हो रहा था और वह अस्पताल ले जाने की गुहार कर रहा था। कोतवाल संजय पाठक ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।