पुलिस ने काशीपुर और आईटीआई थाना क्षेत्र में हुईं 10 चोरियों का खुलासा करते हुए दो महिलाओं समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में मां-बेटा भी शामिल हैं। आरोपियों के कब्जे से करीब पौने 12 लाख के जेवर, नकदी और समान बरामद किया गया है। एसएसपी केके वीके ने टीम को ढाई हजार और एएसपी ने डेढ़ हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।
कोतवाली में मंगलवार को एएसपी डॉ. जगदीश चंद्र ने बताया कि करीब तीन माह से काशीपुर और आईटीआई थाने में चोरियों का ग्राफ बढ़ गया था। चोरियों के खुलासे के लिए सीओ राजेश भट्ट के नेतृत्व में टीम गठित गई। टीम को सोमवार को मुखबिर ने सूचना दी कि रेलवे स्टेशन कोयले की रैक के पास कुछ संदिग्ध लोग घूम रहे हैं।
पुलिस ने दबिश देकर बन्नाखेड़ा थाना बाजपुर निवासी अरविंद भुर्जी, उसकी मां सुनीता के अलावा नजीर खां की मडिया हड्डी मिल के पास थाना कटघर जिला मुरादाबाद यूपी निवासी फारूख, राम तलईया थाना मझोला मुरादाबाद यूपी निवासी सोनू व मनीष, गुलाब बाडी थाना कटघर (मुरादाबाद) निवासी दिनेश, इस्लामनगर थाना बाजपुर निवासी दलवीर और चौहनान थाना डिलारी (मुरादाबाद) निवासी महिला परवीन को गिरफ्तार कर लिया।
उनके कब्जे से थाना आईटीआई और काशीपुर क्षेत्र के घरों में की गईं चोरियों का माल बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपियों ने भी उन क्षेत्रों में चोरी करने की बात स्वीकारी। पुलिस ने आरोपी अरविंद भुर्जी की मां सुनीता और दलवीर के घर से चोरी के जेवरात और नकदी बरामद की है।
रेलवे स्टेशनों में वेंडर्स का काम करते हैं आरोपी
काशीपुर। एएसपी डॉ. जगदीश चंद्र ने बताया कि चोरी के आरोप में पकड़े गए अरविंद भुर्जी, दलवीर और फारूख मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर वेंडर्स का काम करते हैं। अरविंद भुर्जी ग्रुप का मास्टर माइंड है। ये लोग रात को आठ बजे वाली ट्रेन से काशीपुर आते थे। इसके बाद रेलवे स्टेशन पर खाना खाने के बाद शहर का रुख करते थे। चोरी के लिए यह कोई समान नहीं लाते थे। जिस घर में ताला लगा देखते थे, वहीं आसपास की किसी भी वस्तु से ताला तोड़ देते थे। अरविंद भुर्जी ही घरों में घुसता था और समान चोरी कर अपने साथियों को देता था। चोरी के बाद सभी ट्रेन पकड़कर निकल जाते थे। अरविंद भुर्जी चोरी का सामान बन्नाखेड़ा में अपनी मां को संभालने के लिए देता था और धीरे-धीरे कर समान बेचता था। एएसपी ने बताया कि अरविंद नशे का आदी भी है। वह तीन साल पहले ही जेल से छुटा है। इसके अलावा कुछ आरोपियों के खिलाफ पूर्व में भी कई मुकदमे दर्ज हैं।
कोडवर्ड में बातें करते हैं आरोपी
काशीपुर। सीओ राजेश भट्ट ने बताया कि सभी आरोपी कोडवर्ड में बातें करते हैं। ट्रेन से काशीपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंचने के बाद सभी अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर लेते थे। सभी आपस में बात करते हुए कोडवर्ड का यूज करते थे। जैसे फूल है या नहीं। फूल का मतलब घर में ताला लगा है या नहीं। सीओ राजेश भट्ट ने बताया कि चोरी करने के लिए ये लोग ऐसे रास्तों का इस्तेमाल करते हैं, जहां सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हों। इसके अलावा चोरी का सामान बेचने के लिए ये लोग महिलाओं का सहारा लेते हैं। उन्होंने बताया कि चोरी में वांछित रिहाना निवासी नजीर खां की मडिया हड्डी मिल के पास थाना कटघर (मुरादाबाद) और चोरी के जेवर खरीदने वाले अमरोहा निवासी एक ज्वेलर्स की तलाश जारी है।
इन लोगों के घरों से की थी चोरी
रजनीश नरुला निवासी द्रोणासागर के पीछे, अंकित ग्रोवर निवासी प्रकाश सिटी, विवेक चौहान निवासी अंबा विहार, राजीव ठाकुर निवासी रामपुरम, उमा मौर्या निवासी प्रकाश सिटी, प्रमोद कुमार निवासी वैशाली कॉलोनी, पलविंदर सिंह निवासी कचनालगाजी, विशाल छाबड़ा निवासी मो. सिंघान, गोपाल दत्त पांडे निवासी सुभाष नगर और चंद्रशेखर चौहान निवासी मो. आकांक्षा गार्डन।
पुलिस टीम में ये रहे शामिल
एसओ आईटीआई कुलदीप सिंह अधिकारी, एसआई लाखन सिंह, कौशल भाकुनी, संदीप पिलखवाल, सुप्रिया नेगी, एचसीपी गुरुप्रसाद शर्मा, अशोक चौधरी, कांस्टेबल दीपक कठैत, मुकेश कुमार, विनय कुमार, छदेवेंद्र सिंह बिष्ट, जगदीश सिंह फर्त्याल, संदीप सिंह नेगी, कुलदीप सिंह, देवेंद्र नेगी, अनुज त्यागी, राजू पुरी, नीरज पाल, विपिन पाथरी, खीम सिंह और पिंकी कोहली।