एनएच 74 भूमि मुआवजा घोटाले में निलंबित आईएएस पंकज पांडेय को निलंबन के 169 दिन बाद शासन से बहाली के आदेश मिल गए हैं। इससे पूर्व पंकज पांडेय के खिलाफ अभियोजन चलाने के लिए शासन को 100 दिन की कवायद करनी पड़ी थी जिसमें 64 दिन में पंकज पांडेय के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई हुई थी और इसके 36 दिन बाद अभियोजन अनुमति मिली थी।
भूमि मुआवजा घोटाले में आईएएस पांडेय के खिलाफ अनियमितता के साक्ष्य मिलने के बाद एसआईटी ने 10 जुलाई 2018 को उनके खिलाफ अभियोजन चलाने की अनुमति के लिए शासन को 425 पन्नों की रिपोर्ट भेजी थी। अगस्त में शासन ने एसआईटी को पांडेय से पूछताछ की अनुमति दी।
12 अगस्त को एसआईटी ने देहरादून सचिवालय में पांडेय से पूछताछ कर फिर शासन को एक रिपोर्ट भेजी जिसके आधार पर शासन द्वारा 12 सितंबर को 64 दिन बाद पांडेय का निलंबन किया गया। निलंबन के बाद एसआईटी ने अग्रिम कार्रवाई करते हुए 12 सितंबर को पंकज पांडेय के खिलाफ अभियोजन चलाने की अनुमति के लिए शासन को पत्र भेजा।
शासन से अभियोजन मिलने की तमाम अटकलों के बाद निलंबन के 36 दिन बाद 17 अक्तूबर को शासन ने पांडेय के खिलाफ अभियोजन अनुमति पर मुहर लगाई। इसके बाद मामला राज्य सरकार से केंद्र सरकार के पाले में गया। केंद्र सरकार से अभियोजन अनुमति मिलने का एसआईटी इंतजार कर रही है इधर शुक्रवार को शासन ने 169 दिन बाद पांडेय की बहाली के आदेश देकर उन्हें कुछ राहत पहुंचाई है। कुछ दिन पूर्व एसआईटी ने पांडेय के खिलाफ अभियोजन अनुमति के लिए डीओपीटी को रिमाइंडर भेजा है। माना जा रहा है कि अभियोजन अनुमति मिलने के बाद अभी भी पांडेय की मुश्किलें बड़ सकती हैं।
आईएएस पांडेय पर लगे आरोप
पांडेय पर एसआईटी द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम के साथ ही सरकार की वित्तिय प्रक्रियाओं, शासनादेशों और दिशा निर्देशों का उल्लंघन करने व सरकारी भूमि को निजी स्वामित्व की भूमि दिखाने और अवैध कब्जेदारों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई न करते हुए उन्हें लाभार्थी बनाकर करोड़ों का मुआवजा भुगतान करने के आरोप लगाए गए हैं।
14 किसानों की होनी है गिरफ्तारी
रुद्रपुर। एनएच घोटाले में जहां एसआईटी को आईएएस पंकज पांडेय के खिलाफ डीओपीटी से अभियोजन अनुमति मिलने का इंतजार है वहीं बैक डेट में अपनी भूमि का 143 कराकर करोड़ों का मुआवजा डकारने वालों 14 किसानों की गिरफ्तारी भी करनी है। किसानों को चिह्नित करने के बाद एसआईटी ने 18 किसानों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था जिसमें अब तक मात्र चार किसानों की गिरफ्तारी हुई है।