एसएसपी आफिस में भाजपा नेता सुरेश गंगवार से पूछताछ करती एसआईटी।
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एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले की जांच में जुटी एसआईटी ने किच्छा तहसील के बरा-बरी गांव की जांच पड़ताल के लिए बुधवार को किच्छा के भाजपा नेता सुरेश गंगवार सहित 35 काश्तकारों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए।
पूछताछ में काश्तकारों ने एनएचएआई के तत्कालीन पीडी और एसएलओ पर भूमि अधिग्रहण के एवज में कमीशन मांगने का आरोप लगाया। जांच के लिए एसआईटी ने काश्तकारों से करीब 100 से अधिक दस्तावेज लिए हैं।
किच्छा तहसील के बरा-बरी गांव में एसआईटी के सामने कुछ ऐसे मामले आए थे जिनमें काश्तकारों द्वारा सरकारी भूमि पर मुआवजा लेने की बात कही जा रही थी। जांच के लिए एसआईटी ने बुधवार को किच्छा के भाजपा नेता सुरेश गंगवार सहित 35 काश्तकारों को नोटिस देकर पूछताछ के लिए बुलाया। अपने साथ दस्तावेजों का पुलिंदा लेकर पहुंचे गंगवार से एसआईटी ने करीब चार घंटे तक गहन पूछताछ की जिसमें एनएच-74 में आने वाले उन खसरों के बारे में पूछा गया जिनके मुआवजे पर रोक लगाई गई थी।
इसके साथ ही उन खसरों की भी जानकारी ली गई जिन पर मुआवजा निर्धारित किया गया। पूछताछ में गंगवार ने उक्त खसरों की 1880 की खतौनी, नक्शे, 1991 में की गई चकबंदी की खतौनियां, 41, 45 और 52 के प्रारूप, रिजनल आफिसर एनएचएआई के आदेश और हाइकोर्ट द्वारा जारी किए गए आदेश की प्रतियां एसआईटी को दीं।
पूछताछ में अधिकतर काश्तकारों ने एनएचएआई के तत्कालीन पीडी और एसएलओ पर उनकी भूमि का अधिग्रहण करने के एवज में 40 प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप भी लगाया। काश्तकारों का कहना था कि कमीशन ना देने पर ही एसएलओ ने उनके खसरों को छोड़ दिया। जिसके बाद वह मामले को लेकर हाइकोर्ट पहुंचे। कोर्ट में मामला अब भी विचाराधीन है। अब एसआईटी उक्त दस्तावेजों की जांच कर रही है।