काशीपुर में एक ही रजिस्ट्रेशन पर दो बसें दौड़ती पाई गई। सूचना पर सीपीयू ने दोनों बसों को कब्जे में ले लिया। इस मामले में सीपीयू के दरोगा की तहरीर पर बस स्वामी के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है।
शुक्रवार को एसआई जसवंत सिंह के नेतृत्व में सीपीयू टीम चैती चौराहे के पास वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। मुखबिर की सूचना पर एक पीले रंग की बस संख्या (यूके18पीए/0197) को रोककर रजिस्ट्रेशन और अन्य कागजात चेक किए। इस पर आरसी नहीं पाई गई। चालक ने परमिट और बीमा आदि दिखाया। बस चालक से पूछताछ करने पर उसने इसी नंबर की दूसरी बस पटेलनगर में खड़े होने की जानकारी दी। उसने बताया कि पीले रंग की बस कुंडेश्वरी स्थित एक निजी स्कूल से अनुबंधित है। जबकि सफेद रंग की बस एक फैक्ट्री का स्टाफ लाने ले जाने में लगी है।
इस बस पर हेमकुंड साहब लिखा है। साथ ही उस बस पर टूर ट्रैवलिंग के तौर पर बुकिंग का प्रचार भी अंकित किया गया है। सीपीयू ने दूसरी बस को भी कब्जे में ले लिया। पड़ताल करने पर दोनों बसें एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर पर चलना पाई गईं। लेकिन इन बसो के इंजन और चेसिस नंबर आरसी पर अंकित नंबरों से भिन्न-भिन्न होना पाए गए। पुलिस ने एसआई जसवंत सिंह की तहरीर पर बसों के स्वामी पटेलनगर निवासी जगतार सिंह के खिलाफ धारा 420, 467, 474 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने दोनों बसें कब्जे में लेकर काशीपुर शुगर मिल परिसर में खड़ी करा दी है।