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शराब न पिलाने पर की थी शाहनवाज की हत्या, आरोपी गिरफ्तार

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काशीपुर। राजमिस्त्री शाहनवाज की हत्या उसी के दोस्त ने शराब नहीं पिलाने पर हुई कहासुनी में सिर पर ईंट मारकर की थी। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने मृतक के खून से सने कपड़े भी बरामद कर लिए हैं।
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दो जुलाई को मोहल्ला किला नई बस्ती निवासी शाहनवाज (32) पुत्र कल्बेअली का शव गंगेबाबा रोड पर झाड़ियों में पड़ा मिला था। मृतक के फुफेरे भाई अफजाल की सूचना पर पुलिस ने शव कब्जे में लिया था। मृतक के मुंह और कान से खून बह रहा था। पुलिस ने मौके से खून सनी मिट्टी के नमूने भी लिए थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी मौत सिर में चोट लगने से होने की पुष्टि हुई।

एसएसपी बरिंदरजीत सिंह के निर्देश पर खुलासे के लिए कोतवाल संजय कुमार के नेतृत्व में तीन टीमें गठित की गईं थीं। घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने अल्ली खां निवासी सलमान को हिरासत में ले लिया था। कुछ समय से वह अपनी बहन के घर ग्राम बैलजूड़ी में रह रहा है। अक्सर उसे शाहनवाज के साथ शराब पीते देखा जाता था। तीन दिन की कड़ी पूछताछ के बाद सलमान ने जुर्म कबूला।
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एसएसपी सिंह ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज चेक करने पर वारदात एक जुलाई को सुबह करीब 10:30 बजे होने की बात सामने आई है। इसी दिन सुबह करीब आठ बजे सलमान का गंगेबाबा रोड पर ही एक बारबर से झगड़ा हुआ था। फुटेज में सलमान उस पर भी ईंट ताने दिखाई दे रहा है। उसके साथ शाहनवाज के अलावा दो और युवक भी थे। दोनों थोड़ी देर बाद वहां से चले गए। इसके बाद सलमान और शाहनवाज वहां बैठकर शराब पीने लगे।

शराब खत्म होने पर सलमान ने अपने सौ रुपये खर्च होने की बात कहते हुए शाहनवाज से और शराब लाने के लिए रुपये मांगे। इसी बात को लेकर दोनों में विवाद हो गया और सलमान ने शाहनवाज के सिर में ईंट मारकर उसकी हत्या कर दी।

वहां, एएसपी डॉ. जगदीश चंद्र, सीओ मनोज कुमार ठाकुर आदि थे। वारदात का खुलासा करने वाली टीम में एसएसआई विनोद जोशी, उपनिरीक्षक विनोद फर्त्याल, दिनेश बल्लभ, मुकेश मिश्रा, कांस्टेबल कुलदीप, वीरेंद्र यादव, मनोज कोहली, कैलाश तोमक्याल, सुरेंद्र सिंह, दलीप बोनाल शामिल रहे।

सलमान ने बुना था खुद को निर्दोष साबित करने का तानाबाना
काशीपुर। शाहनवाज की हत्या के बाद आरोपी ने खुद को निर्दोष साबित करने की पूरी रणनीति बनाई थी। शाहनवाज की हत्या एक जुलाई को सुबह 10:30 बजे हुई। आरोपी ने परिचितों के माध्यम से यह प्रचारित कराया कि शाहनवाज को एक जुलाई की रात 11 बजे घूमते देखा गया था। पुलिस को बताया कि दोपहर करीब दो बजे वह अपनी पत्नी की डिमांड पर छोले भटूरे लेकर आया था। बाद में वह होटल से रोटी-सब्जी भी लेकर आया। रात 11 बजे उसे अपनी पत्नी के साथ जाते देखा गया था।

इन बातों ने पुलिस की जांच को उलझा दिया। पुलिस भी शाहनवाज की मौत एक जुलाई की रात 11 बजे के बाद होने की बात सही मान बैठी। 24 घंटे तक शव की निगरानी करने के बाद खुद आरोपी सलमान ने ही परिजनों को शाहनवाज का शव प्लाट में पड़े होने की जानकारी दी। तब उसका शव बरामद हुआ। हिरासत में लेने के बाद उसने मोहल्ले के ही एक युवक से शाहनवाज की मारपीट होने की जानकारी दी। पुलिस को लगातार गुमराह कर रहा सलमान शुक्रवार को टूट गया और उसने जुर्म कबूल कर लिया।

दो दिनों तक सीसीटीवी फुटेज खंगालने में लगी रही पुलिस
काशीपुर। हत्या के सही समय की जानकारी न होने और सीसीटीवी सिस्टम की रिकार्डिंग घंटों पीछे चलने से पुलिस की टीमें दो दिनों तक फुटेज खंगालने में लगी रही। शुरूआती जांच में पुलिस उसकी हत्या एक और दो जुलाई की मध्यरात्रि में होने का अंदाजा लगा रही थी। शराब की दुकान के सीसीटीवी दस बजे के बाद बंद होने की बात सामने आई तो पुलिस ने पास स्थित एक दुकान के सीसीटीवी फुटेज चेक किए।

उस दुकान के कैमरों में रिकार्डिंग करीब 12 घंटे की देरी से हो रही थी। पुलिस ने फुटेज चेक की तो एक और दो जुलाई की फुटेज से कोई जानकारी नहीं मिली। बाद में पुलिस का ध्यान कैमरे की देरी से हो रही रिकार्डिंग पर गया। 30 जून की रिकार्डिंग शाहनवाज हत्याकांड का खुलासा करने में मददगार साबित हुई।
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