रुद्रपुर। पंतनगर टीडीसी बीज घोटाले में जेल भेजे गए टीडीसी के तीन कर्मचारियों को रुद्रपुर कोर्ट में दायर की गई जमानत याचिका पर राहत नहीं मिली, इसके बाद टीडीसी के मार्केटिंग अफसर ने जमानत के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। घोटाले की जांच में जुटी एसआईटी जेल भेजे गए आरोपियों के साथ ही नामजद नौ लोगों के खिलाफ भी कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल करने की तैयारी में जुटी है।
वर्ष 2015-16 में पंतनगर टीडीसी में गेहूं बीज बिक्री के नाम पर 20 करोड़ रुपये से अधिक का घोटाला सामने आने पर टीडीसी के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी सीके सिंह ने टीडीसी के दस कर्मियों के खिलाफ पंतनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया। गिरफ्तारी से बचने के लिए नामजद अधिकारियों ने कोर्ट से स्टे ले लिया। अगस्त 2017 में एसपी सिटी देवेंद्र पींचा के नेतृत्व में घोटाले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया। एसआईटी की जांच में इस बात की पुष्टि हुई कि कर्मचारियों ने किसानों की फसल के लिए तैयार बीज पर स्कीम निकालकर उसे आटा मिल और सीड प्लांटों में खपा दिया।
मामले में साक्ष्य जुटाने के लिए एसआईटी ने गोदामों में बीज पहुंचाने वाले ट्रक चालकों से पूछताछ की, जिसमें टीडीसी हल्दी के गोदाम इंचार्ज छदमी लाल, लेखाकार हरिकेश सिंह और मार्केटिंग अफसर ललित बोरा के घोटाले में लिप्त होने के साक्ष्य एसआईटी को मिले। इस पर एक माह पहले एसआईटी ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
गिरफ्तारी के बाद जमानत के लिए तीनों आरोपियों ने रुद्रपुर कोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी, जिसे कोर्ट द्वारा खारिज कर दिया गया। अब मार्केटिंग अफसर ललित बोरा ने अपनी जमानत के लिए हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की ही। इधर, नामजद नौ आरोपियों का कोर्ट से गिरफ्तारी स्टे खारिज न होने पर एसआईटी जेल भेजे गए आरोपियों के साथ ही उनके खिलाफ भी कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल करने की तैयारी कर रही है।