रुद्रपुर। पंतनगर टीडीसी में गेहूं बीज बिक्री के नाम पर 20 करोड़ से अधिक के घोटाले में अधिकारियों पर कार्रवाई के बाद अब क्लेम के नाम पर सवा चार करोड़ दबाने वाले बीज वितरकों को एसआईटी ने रडार पर लिया है। सात अप्रैल के अंक में अमर उजाला ने बीज वितरकों की ओर से क्लेम के नाम पर सवा चार करोड़ रुपये दबाए जाने का खुलासा किया था।
वर्ष 2015-16 में किसानों की फसल के लिए टीडीसी से दूसरे प्रांतों में भेजे गए करीब 85 क्विंटल बीज के नमूनों को कर्मचारियों ने हल्दी लैब में फेल बता दिया। इन बीजों को बेचने के लिए टीडीसी की अवैध कमेटी ने डेढ़ क्विंटल पर आधा क्विंटल बीज अतिरिक्त देने की योजना निकाली थी। इसके बाद कर्मचारियों ने किसानों के नाम पर लिए बीज को वितरकों की मदद से आटा मिलों में पहुंचा दिया।
उधर, नमूने फेल होने के बाद बीज वितरकों ने टीडीसी के समक्ष खराब दिखाए गए बीज पर एक करोड़ 90 लाख रुपये का क्लेम देने की मांग रखी। टीडीसी ने नियमानुसार खराब बीज का बैग और बीज प्रमाणिक संस्था का टैग वितरकों से मांगा, जो वितरक नहीं दे सके। इस पर टीडीसी की छह सदस्यीय कमेटी ने क्लेम को रद्द किया तो वितरकों ने टीडीसी को भुगतान किए जाने वाले सवा चार करोड़ रुपये हड़प लिए।
टीडीसी ने जांच बैठाकर वितरकों के दस्तावेज जांचे तो बिहार के वितरकों के दस्तावेज में लैब की जांच और क्लेम के फर्जी होने की पुष्टि हुई। छह अधिकारियों, कर्मचारियों को जेल भेजने के बाद अब एसआईटी ने वितरकों की ओर से किए गए इस सवा चार करोड़ रुपये के घोटाले की जांच भी शुरू कर दी है।
लैब की गोपनीय रिपोर्ट से पकड़ा फर्जीवाड़ा
रुद्रपुर। क्लेम मांगने वाले वितरकों से टीडीसी ने बीज खरीद के दस्तावेज मांगे, जिसमें टीडीसी का प्लांट नंबर, लॉट नंबर और बीज का प्रकार होता है। क्लेम को सही साबित करने के लिए कर्मचारियों ने लैब की गोपनीय रिपोर्ट ही उच्चाधिकारियों को दे दी और वितरकों के दस्तावेजों के साथ गोपनीय रिपोर्ट टीडीसी के पास पहुंचने पर वितरकों का फर्जीवाड़ा पकड़ा गया।
टीडीसी खराब बीज पर देता है मनी बैक का लाभ
रुद्रपुर। टीडीसी खराब बीज पर किसानों को मनी बैक का लाभ देता है। इसके लिए टीडीसी के प्रोडक्शन मैनेजर किसान के खेत की जांच कर रिपोर्ट तैयार करते हैं। अगर जांच में बीज खराब पाया जाता है तो किसान को उसका पैसा वापस दिया जाता है या किसान उसके एवज में नया बीज ले सकता है। इसके लिए किसान को बीज का बैग और बीज प्रमाणिक संस्था का टैग टीडीसी को वापस करना होता है, लेकिन किसानों तक बीज पहुंचा ही नहीं और वितरकों ने फर्जी दस्तावेजों से क्लेम की मांग कर दी।
फ्लोर मिलों पर भी गिर सकती है गाज
रुद्रपुर। टीडीसी बीज घोटाले में अब अधिकारियों के बाद बीज वितरकों के साथ ही फ्लोर मिल स्वामियों पर भी गाज गिर सकती है। बीज गोदामों तक पहुंचाने वाले ट्रक चालकों ने बीज फ्लोर मिलों में पहुंचाने की पुष्टि एसआईटी के आगे की है। नियमानुसार बीज अधिकृत डीलर को ही बेचा जाता है और बीज लेने से पहले वितरक बीज को बुआई के लिए ही इस्तेमाल करने का शपथ पत्र देता है। साथ ही किसान का पूरा ब्यौरा भी देना होता है और जिला कृषि अधिकारी की ओर से वितरकों का रजिस्टर सत्यापित किया जाता है, लेकिन इन कड़े नियमों के बाद भी बीज फ्लोर मिलों में पहुंच गया।
टीडीसी बीज घोटाले में साक्ष्य मिलने के बाद अब तक छह अधिकारियों, कर्मचारियों को जेल भेजा गया है। पांच अन्य नामजद आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य जुटाये जा रहे हैं। बीज बिक्री के अलावा क्लेम के नाम पर भी टीडीसी में सवार चार करोड़ का घोटाला किया गया जिसकी जांच पड़ताल की जा रही है। - एसएसपी डॉ. सदानंद दाते।