जसपुर। मृतक को अभिलेखों में जिंदा दर्शाकर फर्जी बीमा कर लाखों रुपये का क्लेम हड़पने के मामले में नगर पंचायत महुआडाबरा का जन्मदर मृत्यु लिपिक तथा एक सभासद पुलिस के रडार पर है।
रविवार को ग्राम रायपुर निवासी सूरत सिंह पुत्र बाबू सिंह ने रिपेार्ट दर्ज कराई थी कि उसके भाई अनूप (22) की मृत्यु ग्राम बेड़ाझाल, रामनगर में हृदयघात से 13 मई 2014 को हुई थी। अनूप की मौत के बाद उसके घर पर सिमरनजीत सिह, उसके पिता सूबा सिंह निवासी ग्राम मलपुरी आए। उन्होंने उसकी मां राजवाला को विश्वास में लेकर कहा कि हम तुम्हारे मरे हुए पुत्र का बीमा कर छह लाख रुपये दिलाएंगे। दोनों ने उसके भाई को जीवित दिखाकर बीमा कर दिया था।
दस जनवरी को सिमरनजीत उसके घर एक स्टांप पेपर लेकर आया। जिस पर उसने लिखा था कि उसने उससे चार लाख रुपये उधार लिए हैं। जबरदस्ती उस पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाने लगा। हस्ताक्षर करने से मना करने पर जान से मारने की धमकी देकर चला गया। बुधवार को पुलिस ने महुवाडाबरा नगर पंचायत के जन्मदर मृत्यु लिपिक तथा महिला सभासद को बुलाकर पूछताछ की।
जांच अधिकारी कमलेश भट्ट ने बताया कि अभियुक्तों ने बीमा फाइल में नगर पंचायत महुआडाबरा द्वारा जारी किया गया मृत्यु प्रमाण-पत्र लगाया है। महिला सभासद ने नगर पंचायत को पत्र लिखकर बताया था कि व्यक्ति की मौत महुवाडाबरा बस स्टैंड पर हुई थी। उन्होंने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।