काशीपुर में प्लाट दिलवाने की ऐवज में ली गई रकम वापस न लौटाने पर प्रापर्टी डीलर शेर सिंह ने खुद ही गायब होने का प्रपंच रचा था। वह पिछले एक पखवाड़े से अपनी पत्नी के संपर्क में था। रविवार देर रात वह घर लौट आया। पुलिस ने थाने ले जाकर उससे लंबी पूछताछ की।
ग्राम गिन्नीखेड़ा निवासी प्रापर्टी डीलर शेर सिंह पुत्र रामप्रसाद बीती 14 नवंबर को लापता हो गया था। उसकी साइकिल, मोबाइल और डायरी आदि जसपुरखुर्द में ओमपाल के मकान के पास से बरामद हुई थी। शेर सिंह की पत्नी केला देवी ने ओमपाल पर उसके पति को गायब करने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी। एक माह पूर्व शेर सिंह ने अपनी पत्नी को कॉल की थी। जांच करने पर उसकी लोकेशन राजस्थान के जयपुर में पाई गई। पुलिस ने नंबर सर्विलांस पर लगाया तो सिम लॉक होने के कारण इसके बाद की लोकेशन नहीं मिल सकी। इस दौरान शेर सिंह दूसरे मोबाइल से अपनी पत्नी के संपर्क में रहा, लेकिन पत्नी ने यह बात पुलिस से भी छिपाए रखी।
उधर, पुलिस जांच में पता लगा कि शेर सिंह ने प्लाट दिलाने के नाम पर चार लोगों से करीब दस लाख की रकम ले रखी थी, लेकिन यह रकम उसने जमीन स्वामी तक नहीं पहुंचाई। खरीदार रजिस्ट्री के लिए उस पर दबाव बनाने लगे थे। इसी के चलते उसने खुद को गायब करने का प्रपंच रचा। पुलिस पूछताछ में शेर सिंह ने अपने गायब होने की कहानी गढ़ दी। एसओ जसवीर सिंह ने बताया कि शेर सिंह ने जसपुर खुर्द के चार लोगों से प्लाट दिलवाने के लिए करीब दस लाख की रकम ली थी। उनकी रजिस्ट्री का समय आ चुका था, जिसके चलते उसने खुद को गायब करने का नाटक रच दिया।