कोतवाली पुलिस और एसओजी ने डेढ़ किलो अफीम के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया युवक यूपी में एक एसडीएम के वाहन का चालक है। वह संविदा पर तैनात है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
रविवार देर शाम रुद्रपुर कोतवाली पुलिस को मुखबिर से एक युवक के बड़ी मात्रा में अफीम लेकर रुद्रपुर पहुंचने की सूचना मिली। इस पर एसएसआई कमलेश भट्ट ने एसओजी संग तस्कर की सुरागकशी शुरू की। इसी दौरान किच्छा रोड पर पुलिस ने एक संदिग्ध युवक को रोक कर तलाशी ली गई तो युवक के पास से डेढ़ किलो अफीम बरामद हुई। पूछताछ में युवक ने अपना नाम सचिन कुमार निवासी ग्राम बकैनिया थाना फरीदपुर जिला बरेली (यूपी) बताया। सचिन फरीदपुर में ही रहने वाले फूल सिंह से अफीम खरीदकर उसे रुद्रपुर में बेचने आया था। एसएसआई ने बताया कि जांच में पता चला कि सचिन संविदा पर यूपी के एक एसडीएम का सरकारी वाहन चलाता है।
फरीदपुर में लाइसेंस पर होती है अफीम की खेती
रुद्रपुर। यूपी के फरीदपुर में लाइसेंस पर अफीम की खेती की जाती है लेकिन लाइसेंस की आड़ में लोग अवैध रूप से भी अफीम अवैध तस्करी का काम करते हैं। सचिन ने पूछताछ में इस बात का खुलासा किया है कि फरीदपुर का फूल सिंह भी अवैध रूप से झारखंड से अफीम मंगाकर उसे कई राज्यों में सप्लाई करता है। एक किलो अफीम बेचने पर फूल सिंह को करीब 50 हजार रुपये का मुनाफा होता है।
पिता के इलाज के लिए करता था अफीम की तस्करी
रुद्रपुर। संविदा पर यूपी के एसडीएम का सरकारी वाहन चलाने वाले सचिन को 7700 रुपये का वेतन मिलता है लेकिन अधिक पैसे कमाने के लालच में सचिन अफीम के अवैध कारोबार करने लगा। हालांकि, सचिन का कहना है कि अपने पिता के कैंसर के इलाज कराने के लिए वह अफीम तस्करी के धंधे में आया। पुलिस को कई नंबर भी सचिन के मोबाइल से मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है।