रुद्रपुर। फर्जी डिग्री-डिप्लोमा, अंकतालिका और सर्टिफिकेट बनाकर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले गिरोह के सरगना नवदीप भाटिया उर्फ पवन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसके पास से बड़ी मात्रा में डिग्री और डिप्लोमा बनाने वाली सामग्री मिली है। आरोपित करीब छह वर्षों से फर्जी डिग्री-डिप्लोमा बनाने का काम कर रहा था। पुलिस ने उस पर 20 हजार का इनाम भी घोषित किया था।
शुक्रवार को पुलिस कार्यालय में पत्रकार वार्ता में एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने बताया कि 10 नवंबर को ऑपरेशन ईवनिंग स्टॉर्म के तहत मेट्रोपोलिस सिटी में सत्यापन अभियान के दौरान एक फ्लैट से फर्जी डिग्री-डिप्लोमा बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया गया था। पुलिस ने मौके से गौरव चंद और अजय कुमार को गिरफ्तार किया था।
दोनों आरोपितों ने पूछताछ में बताया था कि वे आवास विकास निवासी नवदीप भाटिया उर्फ पवन के यहां नौकरी करते हैं। एसएसपी ने कहा कि सत्यापन अभियान के दौरान मौके पर नवदीप भी मौजूद था लेकिन वह पुलिस के आने की भनक लगते ही फरार हो गया था। उसकी तलाश में उसके मूल निवासी न्यूरिया, पीलीभीत (यूपी) सहित कई स्थानों पर दबिश दी गई थी। एसएसपी ने बताया कि नवदीप को बृहस्पतिवार शाम को संजय वन से गिरफ्तार कर लिया गया। उसके दो वाहनों को भी सीज किया गया है। एसएसपी ने बताया कि आरोपित पर गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।
कनाडा तक भेजी जाती थी मार्कशीट
रुद्रपुर। नवदीप के पास से पुलिस को पांच पैड रजिस्टर में 100 खाली मार्कशीट, शिलांग की विलियम कैैरे यूनिवर्सिटी के चार खाली लेटर पैड, 172 खाली डिग्री के कागज, विलियम कैरे यूनिवर्सिटी के 878 खाली लिफाफे, 219 छोटे लिफाफे, यूनिवर्सिटी के नाम की पांच मुहरें, खाली सर्टिफिकेट का एक पैड, तैयार हुईं 29 मार्कशीट, तैयार 20 डिग्री सर्टिफिकेट व कनाडा के पते के 15 खाली लिफाफे मिले हैं। पुलिस ने आशंका जताई है कि मार्कशीट बनाने के बाद कनाडा भी भेजी जाती थीं। इसका मतलब है कि मार्कशीट बनाने का ऑर्डर कनाडा से भी आता था। एसएसपी ने कहा कि आरोपित को रिमांड पर लेकर उससे पूछताछ कर जानकारी जुटाई जाएगी। संवाद
करोड़ों रुपये की संपत्ति बना चुुका है नवदीप
रुद्रपुर। नवदीप की नैनीताल रोड पर कंप्यूटर की दुकान है और इसकी आड़ में वह फर्जी मार्कशीट का काम बहुत ही पेशेवर ढंग से करता था। एसएसपी ने बताया कि नवदीप के बरेली, ग्रीन व्यू कॉलोनी, आवास विकास, मेट्रोपोलिस सिटी सहित कई जगहों पर मकान हैं। इसके अलावा और कई तरह की करोड़ों की संपत्ति है। उसकी सारी संपत्ति की जांच की जाएगी और अवैध होने पर उसे कुर्क भी किया जाएगा। नवदीप ने स्वयं भी विनायका यूनिवर्सिटी से बीबीए कर रखा है। संवाद
फोरेंसिक लैब में होगी नवदीप के लैपटॉप की जांच
रुद्रपुर। फर्जी डिग्री और डिप्लोमा बनाने के मामले का खुलासा होने के बाद भी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि उसने अब तक कितने लोगों को अंकतालिकाएं बनाकर दी हैं। एसएसपी ने बताया कि नवदीप के पास मिले लैपटॉप और मोबाइल को फोरेंसिक लैब भेजा जाएगा जिसके बाद पता चल सकेगा कि आखिर नवदीप अब तक कितने लोगों को अंकतालिकाएं व डिग्री बनाकर दे चुका है। एसएसपी ने बताया कि मार्कशीट का पूरा व्यापार व्हाट्सएप के माध्यम से किया जाता था। व्हाट्सएप पर ऑर्डर आने के बाद मार्कशीटों को तैयार किया जाता था। नवदीप के पास मिली लग्जरी कारों से अंकतालिकाओं को दिल्ली व अन्य जगहों तक पहुंचाने का काम भी किया जाता था। संवाद
जल्द ही गिरेगी विलियम कैरे यूनिवर्सिटी के कर्मचारियों पर गाज
रुद्रपुर। फर्जी डिग्री डिप्लोमा बनाने के मामले का पर्दाफाश करने के दौरान विलियम कैरे यूनिवर्सिटी के दो कर्मचारियों जितेंद्र उर्फ सुखपाल और गौरव अग्रवाल का नाम सामने आया था। पुलिस ने दोनों के विरुद्ध रिपोर्ट भी दर्ज की थी। बताया जा रहा है कि ये दोनों डिग्री-डिप्लोमा के सत्यापन का ठेका लेते थे। एसएसपी ने बताया कि नवदीप के बयानों के आधार पर यूनिवर्सिटी के कर्मचारियों को भी जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा। संवाद