खटीमा। ग्राम सैंजना में भूमिसेन मंदिर में कांवड़ के जलाभिषेक को लेकर गुटबंदी सामने आई। एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर मंदिर का ताला तोड़ने और मंदिर के लिए चंदा न देने का आरोप लगाया। वहीं दूसरे पक्ष का आरोप है कि कांवड़ जल के लिए जाने से पूर्व कलश यात्रियों के दर्शन के लिए भूमिसेन मंदिर का ताला खोलने का अनुरोध प्रथम पक्ष की ओर से स्वीकार नहीं किया। इस पर दूसरे पक्ष ने ताला तोड़कर भूमिसेन महाराज के दर्शन किए और कांवड़ लाकर जलाभिषेक कर दिया। दोनों पक्षों ने पुलिस को तहरीर दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
शुक्रवार को सैंजना गांव के दो पक्ष कोतवाली पहुंचे और एक-दूसरे के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी। तहरीर में प्रथम पक्ष के लोगों का आरोप है कि जब वे कांवड़ लेने के लिए जा रहे तो सभी को सूचित किया गया था लेकिन लोगों ने उसमें भाग नहीं लिया। भूमिसेन मंदिर को मिलने वाली खरेक (चंदा) से भरारे, कुटवार और कुष्ठ आश्रम को सहयोग दिया जाता है। दूसरे पक्ष पर मंदिर का ताला तोड़ने का भी आरोप लगाया।
वहीं दूसरे पक्ष ने भूमसेन मंदिर की देखरेख करने वाली कमेटी का आम सहमति से गठन न होने का आरोप लगाया। आरोप है कि मौजूद मंदिर के मुखिया चुनावी रंजिश के चलते गांव में अनावश्यक छोटे-छोटे मामलों को आगे ला रहे हैं। इस पर पुलिस ने दूसरे पक्ष के ताला तोड़ने वाले को भी कोतवाली बुलाया। दोनों पक्षों के बीच समझौते के प्रयास जारी है। वहां ग्राम प्रधान निर्मला देवी, शिवराज बोरा, पवन सिंह, राम पांडे, आशाराम, सचिन, विपिन, ओम प्रकाश, रामदास अवतार, मुन्ना लाल गौतम, दामोदर पाटनी, अशोक सिंह, सुरेंद्र, राज कुमार, शिव कुमार, सतीश, घीरेंद्र , रणधीर सिंह आदि मौजूद थे। इधर, सैंजना के ग्रामीणों ने एसडीएम रविंद्र सिंह बिष्ट को ज्ञापन सौंपकर भूमिसेन मंदिर में पूजा-अर्चना करने के लिए मंदिर का ताला खुलवाने की मांग की है।