काशीपुर। जीबी पंत इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य के पद से हटाए गए अजय शंकर कौशिक ने कॉलेज प्रबंधन के चार लोगों के खिलाफ 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगने की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
पूर्व प्रधानाचार्य अजय शंकर कौशिक ने पुलिस को बताया कि उनकी नियुक्ति शिक्षा विभाग ने की है। 27 जनवरी को मुख्य शिक्षा अधिकारी ने उनसे प्रबंध कार्यकारिणी के चुनाव की अनुमोदित सूची मांगी। इस पर स्कूल प्रबंधक डॉ. सतीश शर्मा ने मामला खुद देख लेने की बात कहकर सूची देने से इनकार कर दिया। सूची नहीं देने पर उनका वेतन रुक गया। इस विवाद में प्रबंधक ने रजिस्टर गायब कर उनके विरुद्ध पुलिस को तहरीर दे दी। इसके बाद कार्यकारिणी ने उनका कार्यालय सील कर दिया। एक फरवरी को उन्हें विद्यालय में नहीं घुसने दिया गया और अभद्रता कर लौटा दिया। अपर निदेशक ने वर्ष 2021 में चुनाव न कराने पर प्रबंध कार्यकारिणी को भंग कर बीईओ आरएस नेगी को प्रबंध संचालक नियुक्त कर दिया।
आरोप है कि स्कूल प्रबंधक डॉ. सतीश शर्मा, डॉ. दीपिका गुड़िया आत्रेय, डॉ. नीरज आत्रेय और प्रमोद कुमार ने उनसे 20 लाख रुपये की रंगदारी की मांग करते हुए नौकरी से हटाने और झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
प्रबंध समिति का पक्ष
प्रबंध समिति की ओर से जारी बयान में कहा गया कि अजय शंकर कौशिक की ओर से झूठे व बेबुनियाद आरोप लगाए गए हैं। अभी यह मामला हाईकोर्ट में चल रहा है। पहले भी स्थानीय अदालत कौशिक की ओर से लगाए गए आरोपों को निरस्त कर चुकी है। ऐसे में लगाए गए आरोप और दर्ज कराए गए केस का कोई औचित्य नहीं है।