काशीपुर। पुराना आवास विकास निवासी महेश गिरि पुत्र चंद्र प्रकाश ने अपने अधिवक्ता डीएस प्रजापति के माध्यम से नया आवास विकास निवासी गीता आर्य पत्नी पंकज कुमार के विरुद्ध न्यायालय में वाद दायर किया। इसमें बताया कि गीता ने उनसे सात लाख रुपये उधार लिए थे। कुछ समय बाद रुपये वापस मांगने पर वादी को गीता ने एक चेक दे दिया, जो बैंक में बाउंस हो गया। न्यायालय ने वाद की सुनवाई व दोनों पक्ष की बहस सुनकर आरोपी गीता को तीन माह की सजा सुनाई। साथ ही महेश को 7,10,000 रुपये प्रतिकर के रूप में देने के आदेश पारित किए।
उक्त फैसले के विरुद्ध आरोपी ने प्रथम अपर जिला जज के समक्ष अपनी अपील प्रस्तुत की। न्यायालय ने दोनों पक्ष की बहस सुनी। वादी महेश के अधिवक्ता डीएस प्रजापति के तर्कों से सहमत होकर आरोपी की अपील खारिज कर दी। निचली अदालत के फैसले को वैधानिक रूप से सही माना। निचली अदालत ने गीता आर्य के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी करने के आदेश पारित कर दिए। थाना काशीपुर को निर्देशित किया कि वह आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करे।
ऋण देने में धोखाधड़ी के आरोप में नौ लोगों पर केस
बाजपुर। आईआईएफएल नामक निजी कंपनी के क्षेत्रीय प्रबंधक रणवीर सिंह ने पूर्व शाखा प्रभारी समेत नौ लोगों पर ऋण देने में धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है। पुलिस को दी तहरीर में उन्होंने बताया कि चीनी मिल कॉलोनी निवासी शाखा प्रबंधक ने नकली और कम शुद्धता वाला सोना गिरवी रखकर क्षेत्र के नौ लोगों को लाखों रुपये का ऋण दे दिया। कंपनी के ऑडिट होने पर सोने के नकली और कम शुद्धता का पता चला। सीओ भूपेंद्र सिंह भंडारी ने बताया कि इस तहरीर पर चीनी मिल कॉलोनी निवासी पूर्व शाखा प्रबंधक नौशाद, चकरपुर निवासी अब्बास अली, चंदनपुरा निवासी देवेंद्र, विकास चौहान, बिराहा निवासी आकाश कुमार, भौना इस्लामनगर निवासी राजेंद्र कुमार, सरबजोत सिंह, बाजपुर निवासी प्रिंस वर्मा, अमनदीप सिंह के खिलाफ धारा 406, 420 के तहत केस दर्ज किया गया है। केस की विवेचना एसआई कैलाश चंद को सौंपी गई है।