काशीपुर। यूपी के रामपुर के ग्राम घोसीपुरा निवासी मोहम्मद अकरम का निकाह नाजिश बानो निवासी नई बस्ती जसपुर के साथ वर्ष 2004 में हुआ था। नाजिश ने वर्ष 2021 में पति मोहम्मद अकरम से भरण-पोषण प्राप्त करने के लिए परिवार न्यायालय में धारा 125 सीआरपीसी का वाद दायर किया। साथ ही तीस हजार रुपये प्रतिमाह की मांग की गई। अकरम के अधिवक्ता अमरीश अग्रवाल व मुनिदेव विश्नोई की ओर से बहस गई। बहस में कहा गया कि नाजिश बानो अपनी इच्छा से अपने मायके आती-जाती है। जिसे उसने अपने बयानों में स्वीकार भी किया है। इससे स्पष्ट है कि वह बिना किसी कारण के मायके में रह रही है। जिस कारण भरण पोषण का कोई अधिकार नहीं बनता है। अधिवक्ताओं की बहस व तर्कों से संतुष्ट होकर परिवार न्यायालय ने नाजिश बानो के भरण पोषण के प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया।
साक्ष्य के अभाव में पति समेत दो आरोपी दोषमुक्त
काशीपुर। एसीजेएम प्रथम दीप्ति पंत की अदालत ने मारपीट कर धमकी देने के आरोपी पति समेत दो आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त किया है। मोहल्ला महेशपुरा निवासी गौसिया ने कोतवाली में 19 सितंबर 2016 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें उसने बताया कि उसका पति के साथ काशीपुर न्यायालय में दहेज उत्पीड़न का केस चल रहा है। आरोपी पति यह मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहा है। आरोप लगाया कि 17 सितंबर 2016 की रात अपनी मां और भाभी के साथ मोहल्ला कटोराताल स्थित मजार से लौट रही थी। पति आरिफ और उसके भांजे शोएब ने उस पर चाकू से हमला किया। आरोपपत्र प्रस्तुत करने पर वाद का परीक्षण अदालत में हुआ। बचाव पक्ष की ओर से आनंद रस्तोगी ने पैरवी की। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया।