रुद्रपुर। एसीएमओ और जिला क्षय रोग केंद्र में कार्यरत संविदा कर्मी की गिरफ्तारी से स्वास्थ्य विभाग में फैले भ्रष्टाचार की पोल खुल गई है। भ्रष्टाचार की जड़ों तक पहुंचने के लिए सतर्कता की टीम ने सीएमओ कार्यालय में करीब छह घंटे तक दोनों से पूछताछ की। भ्रष्टाचार के इस खेल में कुछ अधिकारियों की अपने करीबी संविदा व आउटसोर्स के साथ मिलीभगत सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि कम कमाई वालों को मलाई का लालच देकर यह खेल हो रहा था।
सीएमओ कार्यालय में शाम करीब चार बजे एसपी सतर्कता प्रहलाद मीणा, सीओ दीपशिखा अग्रवाल, निरीक्षक हेमचंद्र पांडे, मनोहर सिंह दसौनी, विनोद कुमार यादव समेत नौ सदस्यीय सतर्कता की टीम ने छापा मारा। संविदा कर्मी अनिल जोशी को घूस लेते हुए गिरफ्तार करने के बाद टीम ने एसीएमओ डॉ. तपन कुमार शर्मा के साथ रात करीब नौ बजे दोनों से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान टीम ने मौके पर फर्द बनाने के साथ जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की कई फाइलों को खंगाला। साथ ही स्वास्थ्य के कई अधिकारियों और कर्मचारियों से भी पूछताछ की। बताया जा रहा है कि सतर्कता की टीम ने इससे पहले एसीएमओ के सरकारी आवास पर भी छापा मारा था। सूत्रों के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग में कई संविदा और आउटसोर्स कर्मी बेहद कम वेतन पर काम कर रहे हैं। इतने कम वेतन से कई कर्मचारियों को अपना घर चलाना मुश्किल पड़ता है। जिसका फायदा उठाकर कुछ अधिकारी उन्हें लालच देकर भ्रष्ट कार्य करवा रहे हैं। इसके बदले में उन्हें कमीशन के रूप में पांच से 10 प्रतिशत तक रुपये दिए जा रहे हैं।
जिले में घूसखोरी की हाल की प्रमुख घटनाएं
-मार्च 2023 में गदरपुर में एक ग्राम प्रधान को घूस लेते हुए विजिलेंस ने गिरफ्तार किया।
-अगस्त 2022 को चकबंदी पेशकार को घूस लेते हुए पकड़ा।
- किच्छा में कानूनगो को घूस लेते हुए गिरफ्तार किया।