नानकमत्ता। सनातन धर्म उत्थान समिति की ओर से होलिका दहन के लिए लगाई गई पूजित पताका स्थल को कुछ लोगों ने अपनी भूमि बताकर एकत्रित लकड़ियों में आग लगा देने से श्रद्धालु भड़क गए। होलिका दहन की खबर फैलने से क्षेत्र में खलबली मच गई। पुलिस व राजस्व निरीक्षक ने भूमि सरकारी व आवंटित होना बताया। उत्थान समिति ने आग लगाने की घटना के संबंध में नामजद तहरीर पुलिस को सौंपी है। संभ्रांत लोगों की ओर से दूसरे पक्ष के लोगों को समझा बुझाकर मामले का शांतिपूर्वक निपटारा किए जाने से पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली।
संस्कृति विभाग की ओर से सामाजिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजन के लिए खसरा नंबर 936 व 937 की भूमि सनातन धर्म उत्थान समिति को आवंटित की गई है। समिति की ओर से उक्त भूमि पर होलिका दहन के लिए पूजा अर्चना कर ध्वज पताका लगाने के साथ ही लकड़ी एकत्रित की गई थी। बृहस्पतिवार की दोपहर कुछ लोगों ने इस स्थल को अपनी भूमि बताते हुए होलिका दहन के लिए एकत्रित लकड़ी में आग लगा दी। आग लगने की सूचना मिलते ही समिति के सदस्य व श्रद्धालु मौके पर पहुंच गए। तब तक एकत्रित लकड़ी पूरी तरह जल चुकी थी। होली जलाने की सूचना से पुलिस थाने में खलबली मच गई। उप निरीक्षक पूरन नेगी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। मौके पर पहुंचे राजस्व उपनिरीक्षक अनंत शर्मा ने बताया कि वर्ष 1989 में ही उक्त भूमि सरकार में निहित हो गई थी। सरकार की ओर से भूमि संस्कृति विभाग को सामाजिक कार्यों के लिए दी गई है।
सनातन धर्म उत्थान समिति के पदाधिकारियों ने पुलिस को तीन नामजद सहित कुछ अन्य लोगों के विरुद्ध तहरीर दी है। मौके पर मौजूद संभ्रांत लोगों ने विवाद का शांति पूर्वक निपटारा करने से पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली। वहां पर प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष दिनेश गोयल पप्पू, छगनलाल अग्रवाल, नरेंद्र कुमार गर्ग, प्रमोद अग्रवाल, मनोज गर्ग, मुकेश अग्रवाल, उमेश अग्रवाल, परविन्द्र सिंह लक्की, विक्की गुलाटी, विराट गोयल, शिव शंकर मित्तल, राजकुमार यादव आदि थे। संवाद