काशीपुर। उत्तरी सोसायटी में चेयरमैन और पूर्व चेयरमैन के समर्थकों के बीच नए सदस्य बनाए जाने को लेकर मंगलवार को धक्का-मुक्की हो गई। दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए। इससे जमकर हंगामा हो गया। वहां मौजूद जनप्रतिनिधियों से किसी तरह मामले को शांत किया।
चीमा चौराहा स्थित उत्तरी काशीपुर बहुउद्देशीय किसान सेवा सहकारी समिति में नए सदस्य बनने का प्रक्रिया चल रही है। सोमवार को पूर्व चेयरमैन बलकार सिंह के साथ आए किसानों ने सोसायटी में नए सदस्य न बनाए जाने को लेकर हंगामा किया था। इसके बाद नए सदस्यों को जोड़ना शुरू कर दिया गया था। मंगलवार सुबह करीब दस बजे ग्राम टीला और भरतपुर की महिलाओं समेत अन्य लोग समिति के सदस्य बनने के लिए दस्तावेज लेकर समिति कार्यालय पहुंचे लेकिन संबंधित कर्मचारी के अवकाश में होने के कारण कार्य नहीं हो सकता।
महिलाएं घंटों समिति में बैठकर इंतजार करती रहीं। करीब साढ़े 12 बजे प्रबंध निदेशक ने उच्चाधिकारियों से वार्ता कर एक कर्मचारी के लिए लिखित आदेश बनाकर कार्य शुरू कराया। कुछ देर बाद समिति चेयरमैन जगजीत सिंह वहां पहुंच गए और नए सदस्य बनाने का कार्य बंद करा दिया। इस बीच उनकी पूर्व चेयरमैन के साथ गहमा-गहमा हो गई। दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इस दौरान पूर्व चेयरमैन रवि सिंह, बलकार सिंह, रक्षपाल सिंह, मंजीत सिंह, राम अवतार आदि मौजूद रहे।
पूर्व चेयरमैन का पक्ष
पूर्व चेयरमैन बलकार सिंह ने बताया कि चेयरमैन जगजीत सिंह नए सदस्य बनते देख आग बबूला हो गए और मारपीट पर उतारू हो गए। पूर्व ब्लॉक प्रमुख रवि कुमार सिंह ने किसी तरह स्थिति को संभाला। चेयरमैन किसी भी हाल में नए सदस्यों को बनने से रोकना चाहते हैं क्योंकि नए सदस्य उनके पक्ष के लोग हैं। इस संबंध में एसडीएम से मुलाकात की जाएगी।
चेयरमैन का पक्ष
चेयरमैन जगजीत सिंह ने बताया कि सोसायटी बंद होने की कगार पर पहुंच चुकी है। वह दिन रात एक कर सोसायटी को बचाने में जुटे हैं। कुछ लोग अपनी राजनीतिक रोटियां सेकना चाहते हैं इसलिए सबको भ्रमित कर रहे हैं। मंगलवार को नए सदस्य बनाने वाला बाबू बीमारी के चलते छुट्टी पर था। ऐसे में दूसरे पक्ष ने दबाव बनाकर एमडी से दूसरे कर्मचारी के लिए नए सदस्य बनाने का आदेश करवा लिया। नियमानुसार ऐसा नहीं किया जा सकता है। गलत तरह से जुड़ रहे नए सदस्यों को रोकने के लिए वह मौके पर गए थे। दूसरे पक्ष के लोगों ने उनके साथ बदतमीजी की। दूसरे पक्ष ने लगभग ढाई सौ लोगों को इकट्ठा कर रखा था। नए सदस्य जुड़ें, उन्हें कोई आपत्ति नहीं है लेकिन नियमों का पालन होना चाहिए।