वाद व्यय के रूप में 5000 रुपये भी परिवादी को देने होंगे
रुद्रपुर। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने बीमा कंपनी को 1,01,556 रुपये का ब्याज सहित भुगतान परिवादी को करने के आदेश दिए हैं। कंपनी को वाद व्यय के लिए 5000 रुपये का भुगतान करना होगा।
काशीपुर के ग्राम बैलजुड़ी निवासी शाहिद हुसैन ने दो सितंबर 2019 को उत्तराखंड डिस्टि्रक्ट को-आपरेटिव बैंक के काशीपुर शाखा प्रबंधक और एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड देहरादून के क्षेत्रीय प्रबंधक के खिलाफ आयोग में वाद दायर किया था। उन्होंने कहा था कि उन्होंने बैंक के आग्रह पर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत रबी की 2018-19 की फसल के लिए अल्पकालीन फसली ऋण खाता खोला था।
16 नवंबर 2018 को बैंक ने उसके बचत खाते से 3112 रुपये का प्रीमियम काटकर एग्रीकल्चर बीमा कंपनी से उसकी फसल का बीमा करवाया था। 12 अप्रैल 2019 को उसके खेत में खड़े बिजली के पोल के तार से चिंगारी निकलने के कारण उसकी ढाई एकड़ में फसल आग में जल गई थी। घटना वाले दिन हल्का लेखपाल ने नुकसान का आकलन कर उसकी दिन रिपोर्ट तहसीलदार को सौंप दी थी। न्यूनतम गणना क्षति के आधार पर आकलन मात्र 1,01,556 रुपये दिखाया जबकि उसको 1,20,000 रुपये से अधिक का नुकसान हुआ था।
15 अप्रैल 2019 को उन्होंने बैंक को सूचना देकर क्षतिपूर्ति की मांग की थी। उसने 15 मई 2019 को बीमा कंपनी को कानूनी नोटिस दिया था लेकिन कंपनी की ओर से क्षतिपूर्ति का भुगतान नहीं किया गया। आयोग के अध्यक्ष सुरेंद्र पाल सिंह, सदस्य नवीन चंद्र चंदोला, देवेंद्र कुमारी तागरा ने बैंक के खिलाफ परिवाद निरस्त कर दिया। इसके अलावा बीमा कंपनी को 30 दिन के भीतर वाद दायर करने की तारीख से भुगतान की तारीख तक सात फीसदी साधारण वार्षिक ब्याज सहित 1,01,556 रुपये का भुगतान करने के आदेश दिए हैं।