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रुद्रपुर: 2000 से अधिक के यूपीआई भुगतान पर टैक्स के दावे से सिडकुल में हलचल, व्यापारियों में असमंजस

Fri, 18 Sep 2026 02:09 PM IST
गायत्री जोशी संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्रपुर

सार

दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर लगने के दावे से पंतनगर सिडकुल की कंपनियों और सप्लायरों में असमंजस है।

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UPI - फोटो : अमर उजाला प्रिंट
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विस्तार
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दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पर 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लगने के दावे ने पंतनगर सिडकुल के औद्योगिक कारोबार में हलचल मचा दी है। यहां माल खरीदने से लेकर लेन-देन तक अधिकतर भुगतान यूपीआई के जरिये ही होते हैं। ऐसे में नई व्यवस्था को लेकर व्यापारियों में असमंजस है।

नए नियम के अनुसार 15 अक्तूबर से 2000 से अधिक के मर्चेंट भुगतान (पी2एम) पर दुकानदार/कंपनी से 0.4 प्रतिशत एमडीआर लिया जाएगा, जो अधिकतम 300 रुपये होगा। सिडकुल में छोटी-बड़ी करीब 400 से अधिक सहायक कंपनियां और सप्लायर हैं। ये रोजाना कच्चा माल, स्पेयर पार्ट्स और ट्रांसपोर्ट का भुगतान यूपीआई से ही करती हैं। एक बार में भुगतान पांच हजार से 50 हजार तक होता है। एमडीआर लागू होने पर हर बड़े ट्रांजेक्शन पर कंपनियों को अतिरिक्त शुल्क देना होगा। हालांकि केंद्र सरकार और पीआईबी पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि आम ग्राहकों पर ऐसा कोई टैक्स नहीं है।

अगर हर पेमेंट पर एमडीआर कटेगा तो साल में लाखों का अतिरिक्त बोझ आएगा। सरकार को कारोबारियों के हितों का ध्यान रखना होगा। -अजय तिवारी, पूर्व अध्यक्ष, सिडकुल एसोसिएशन

कच्चा माल, स्पेयर पार्ट्स और ट्रांसपोर्ट के भुगतान के लिए कंपनियां यूपीआई भुगतान करती हैं। टैक्स से डिजिटल कारोबार को झटका लगेगा। सरकार को उद्योगों को राहत देनी चाहिए। -गजेंद्र सिंह, अध्यक्ष, सिडकुल एसोसिएशन

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