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तत्कालीन जेल अधीक्षक के साथ ही कई बंदी रक्षकों पर गिर सकती है गाज

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सितारगंज। केंद्रीय कारागार में बड़ी संख्या में मोबाइल मिलने के बाद तत्कालीन जेल अधीक्षक के अलावा अब कई बंदी रक्षक भी जांच के घेर में आ गए हैं। माना जा रहा है कि तत्कालीन जेल अधीक्षक के अलावा कई बंदी रक्षकों पर भी गाज गिर सकती है। इस मामले में गृह विभाग के अपर सचिव के निर्देश पर कारागार विभाग के अधिकारियों ने जांच को तेज कर दिया है।
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बता दें कि बीती नौ अगस्त को डीआईजी दधिराम मौर्य के जेल में औचक निरीक्षक के दौरान कैदियों के पास से तीन मोबाइल बरामद हुए थे। इसके बाद से जेल में डीएम के निर्देश पर सघन तलाशी अभियान चल रहा है। डीआईजी व जिला प्रशासन के 10 अगस्त के निरीक्षण के बाद मामले में तत्कालीन जेल अधीक्षक को हटाकर महानिरीक्षक कारागार के दफ्तर से अटैच कर दिया गया था। उनके स्थान पर हरिद्वार जिला कारागार से जेल अधीक्षक अनुराग मलिक को यहां भेजा गया।
बीते बुधवार को नवागंतुक जेल अधीक्षक मलिक के तलाशी अभियान में 60 मोबाइल, चार्जर व बैटरियां मिलने के बाद जेल का यह मामला हाई प्रोफाइल बनता जा रहा है। गृह अनुभाग के अपर सचिव अतर सिंह ने कारागार के महानिरीक्षक को जांच के आदेश दिए थे। अब जांच में बड़ी संख्या में मोबाइल आदि सामान बरामद होने से विभागीय जांच भी तेज हो गई है।
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डीआईजी दधिराम मौर्य ने बताया कि जेल के भीतर बैरकों तक मोबाइल पहुंचने में बंदी रक्षकों की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता इस बिंदु पर भी जांच की जा रही है। विभागीय जांच के तेजी पकड़ने से अब तत्कालीन जेल अधीक्षक के साथ ही बंदी रक्षक भी संदेह के घेरे में आ गए हैं और उन पर भी गाज गिरने का कयास लगाया जा रहा है।
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