रुद्रपुर। गूलरभोज निवासी संदिग्ध आतंकी जगजीत की दिल्ली में गिरफ्तारी के बाद जिला पुलिस बेहद चौकन्नी हो गई है। तराई में जगजीत के सहारे बंबीहा गिरोह का नेटवर्क खड़ा होने का अंदेशा जताया जा रहा है। इसके बाद पुलिस नेटवर्क को खंगालने में जुटी है। इसको लेकर जगजीत के संपर्क में रहे लोगों से पूछताछ की जा रही है। पंजाब के बदमाशों के संपर्क में रहे स्थानीय बदमाश भी पुलिस की रडार में हैं। एसओजी पूरे प्रकरण में सर्विलांस सहित अन्य माध्यमों के सहारे कार्रवाई में जुटी है।
शुक्रवार को दिल्ली स्पेशल सेल की टीम बंबीहा गिरोह के सदस्य कोपा कृपाली, गदरपुर निवासी जगजीत उर्फ जग्गा उर्फ जस्सा उर्फ याकूब उर्फ कप्तान और पाकिस्तान के आतंकी संगठन हजरत उल अंसार के सदस्य नौशाद की गिरफ्तारी की थी। नौशाद जहां पाकिस्तान में बैठे हैंडलर के संपर्क में था, वहीं जगजीत कनाडा में बैठे आतंकी अर्शदीप ढल्ला के इशारे पर काम कर रहा था। दोनों ने विदेश में बैठे अपने आकाओं के इशारे पर टारगेट किलिंग को अंजाम दिया था।
जगजीत की गिरफ्तार के बाद से जिला पुलिस भी तराई में उसके नेटवर्क को खंगालने में जुटी है। बताया जा रहा है कि नवंबर में गिरफ्तार हुआ 50 हजार का इनामी मोहनपुर, दिनेशपुर निवासी जुगराज उर्फ जग्गा प्रधान भी बंबीहा गिरोह का सदस्य था और पुलिस ने उसे दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था। वह कनाडा भागने की फिराक में था। इसके अलावा काशीपुर के कुंडेश्वरी में हुई हत्या में बंबीहा गिरोह के शूटर पकड़े थे। अब जगजीत की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को अंदेशा है कि बंबीहा गिरोह तराई में जड़ें जमा रहा है। लिहाजा पुलिस अब इस नेटवर्क तक पहुंचकर उसको ध्वस्त करने में जुटी है।
पंजाब से नेपाल तक है बंबीहा का नेटवर्क
रुद्रपुर। पिछले वर्ष पेरोल से फरार होने के बाद जग्गा फरार हो गया था। पुलिस सूत्रों का कहना है कि जग्गा तीन माह तक लखीमपुरी खीरी में रहा और इसके बाद वह पंजाब और दिल्ली के निकल गया। वहीं वर्ष 2018 में टैक्सी चालक की हत्या करने के बाद जग्गा कार लेकर पंजाब फरार हो गया था। मामला ठंडा होने के बाद वह कार बेचने के लिए नेपाल जा रहा था लेकिन इसी दौरान पुलिस ने उसे झनकईयां में पकड़ लिया था। झनकईया में जग्गा के खिलाफ पुलिस मुठभेड़ का एक केस भी दर्ज है। बताया जा रहा है कि फरारी के दौरान बंबीहा गिरोह के लोगों ने उसको पूरी मदद की थी। संवाद
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कोर्ट में बंदी छुड़ाने के मामले में आया था जगजीत का नाम
रुद्रपुर। हाईकोर्ट के आदेश पर जगजीत बीते साल अप्रैल में तीन हफ्ते की पेरोल पर आया था। उसके पेरोल से छूटने के पुलिस ने 21 अप्रैल को जिला कोर्ट के बाहर से दो शूटरों को एक कार से गिरफ्तार किया था। ये शूटर कोर्ट में पेशी में आए एक आरोपी को छुड़ाने के लिए आए थे। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी को छुड़ाने के लिए जगजीत को भी आना था लेकिन वह रास्ते से कहीं दूसरी जगह निकल गया था। अगर उस वक्त पुलिस जगजीत को पकड़ने में ताकत झोंकती तो जगजीत इतने संगीन अपराध में लिप्त नहीं हो पाता। संवाद
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जगजीत को संपत्ति से बेदखल कर चुका परिवार
गदरपुर। पुलिस ने गूलरभोज के ग्राम कोपा कृपाली में रहने वाले जगजीत सिंह उर्फ जग्गा उर्फ याकूब के परिजनों को थाने लाकर घंटो तक पूछताछ की। सोमवार को एसपी काशीपुर अभय सिंह और सीओ भूपेंद्र सिंह भंडारी ने जगजीत सिंह उर्फ जग्गा के पिता, मां, भाई, चाचा और चचेरे भाइयों को थाने लाकर पूछताछ की। परिजनों का कहना था कि बीते साल अप्रैल के बाद उनका जगजीत से किसी प्रकार का कोई संपर्क नहीं रहा। परिजनों का कहना था कि उनको मालूम नहीं है कि पेरोल से छूट कर आने के बाद जब जगजीत फरार हुआ तो वह कहां गया। न ही उसका कभी फोन आया और न ही उसने, उनसे कभी संपर्क किया है। परिजनों का कहना था कि पुलिस उनके मोबाइल, बैंक खाते सहित अन्य दस्तावेजों की भी पूरी तरह से जांच कर ले। मामले की निष्पक्ष तरीके से जांच करें और वह उसमें उनका हर संभव सहयोग करने को तैयार हैं। जगजीत के पिता गुरमेल सिंह का कहना था कि गलत चाल चलन को देखकर उन्होंने जगजीत को अपनी चल-अचल संपत्ति से बेदखल कर दिया था। संवाद
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बंबीहा और हजरत उल अंसार का गठजोड़ खतरनाक
रुद्रपुर। सुपारी लेकर हत्याएं कर दहशत फैलाने वाले बंबीहा गिरोह का आतंकी संगठन हजरत उल अंसार से गठजोड़ को बेहद खतरनाक माना जा रहा है। बंबीहा गिरोह का जाल पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, यूपी में फैला है और उसकी दस्तक तराई में भी हो चुकी है। दोनों संगठन टारगेट किलिंग को अंजाम दे रहे हैं। आतंकी संगठन के निशाने पर उसकी खिलाफत करने वाले हैं तो बंबीहा गिरोह रुपयों की खातिर टारगेट किलिंग में अपने सदस्यों का इस्तेमाल कर रहा है। इसको देखते हुए भी पुलिस अलर्ट है। संवाद
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गदरपुर में हो चुका जगजीत पर हमला
रुद्रपुर। बंबीहा गिरोह और लारेंस विश्नोई के बीच खूनी दुश्मनी है। दोनों गिरोह के बदमाश मौका मिलने पर एक दूसरे की हत्याएं कर देते हैं। इसी के चलते बंबीहा गिरोह के सदस्य जगजीत पर गदरपुर मे हमला हुआ था। पुलिस सूत्रों के अनुसार इस हमले में जगजीत बच निकला था। पेरोल से फरार होने के बाद जगजीत जहां ऊधमसिंह नगर पुलिस से बचता फिर रहा था। वहीं उसे लारेंस विश्नोई गैंग से भी जान का खतरा था। इसी के चलते वह दिल्ली में गुमनाम ढंग से रह रहा था और उसने परिजनों तक से संपर्क नहीं किया था। संवाद
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सोशल मीडिया पर खालिस्तान से सहानुभूति रखने वालों पर नजर
रुद्रपुर। कनाडा में बैठा बंबीहा गिरोह का सरगना अर्शदीप खालिस्तान समर्थक माना जाता है। अब उसके गैंग के सदस्य जगजीत की गिरफ्तारी के बाद पुलिस खालिस्तान को लेकर सहानुभूति रखने वालों पर नजर रख रही है। खासतौर पर सोशल मीडिया पर खालिस्तान के समर्थन में पोस्ट को शेयर, लाइक और टिप्पणी करने वालों पर पुलिस कार्रवाई करेगी। एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने बताया कि इस संबंध में एसओपी जारी है। पहली बार में ऐसे लोगों की काउंसलिंग होगी और दूसरी बार में केस दर्ज करने की कार्रवाई होगी। कुछ दिन पहले एक मामला सामने आने पर पुलिस ने संबंधित की काउंसलिंग की थी। पुलिस ऐसे लोगों के चिह्नित होने के बाद उनके पासपोर्ट और असलहों के लाइसेंस भी निरस्त करेगी। संवाद
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कोट
जगजीत से पूछताछ करने गई पुलिस टीम को दो दिन का और इंतजार करना पड़ेगा। वहीं उसके घरवालों, रिश्तेदारों व पुराने सहपाठियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस लगातार दिल्ली पुलिस के संपर्क में है। - डॉ. मंजूनाथ टीसी, एसएसपी ऊधमसिंह नगर।