गदरपुर-दिनेशपुर मटकोटा मार्ग में पड़े बड़े-बड़े गड्ढे। संवाद
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रुद्रपुर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से प्रदेश की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के आदेश पर काम हो रहा है लेकिन गदरपुर में सड़क पर गड्ढे होने के बावजूद कागजों में उसे गड्ढा मुक्त दर्शा दिया गया है। इससे अफसरों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
गदरपुर-दिनेशपुर मटकोटा स्टेट हाईवे पर कई गड्ढे हैं। रोजाना हजारों वाहन इस हाईवे से गुजरते हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सभी सड़कें गड्ढा मुक्त करने के आदेश दिए थे। ऐसे में लोक निर्माण विभाग की ओर से तीन करोड़ रुपये खर्च कर रुद्रपुर, काशीपुर व खटीमा के 72 मार्गों में पड़ने वाले सैकड़ों गड्ढों में पैच वर्क कराया था लेकिन कई सड़कें ऐसी हैं जहां इंजीनियर व ठेकेदारों की लापरवाही से सड़कों में गड्ढे नहीं भरे गए।
पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित वैद्य बालेंदु प्रकाश ने बताया कि उन्होंने गदरपुर-दिनेशपुर मटकोटा हाईवे के गड्ढे भरने के लिए शासन से लेकर मुख्यमंत्री तक शिकायत की। इसके बाद विभाग से 15 नवंबर की चिट्ठी उनके पास कुछ ही दिनों पहले आई है जिसमें स्टेट हाईवे को प्राथमिकता के आधार पर गड्ढा मुक्त करने की बात लिखी गई है। बालेंदु ने बताया कि सिर्फ कागजों में सड़कें गड्ढा मुक्त की गई हैं। धरातल में सड़क में जगह-जगह गड्ढे हैं।
कोट
स्टेट हाईवे को गड्ढा मुक्त कर दिया है लेकिन वाहनों की भारी आवाजाही के चलते सड़कों पर गड्ढे हो रहे हैं। अब सड़क पर विशेष सहायता निधि से डामरीकरण किया जा रहा है। सड़क निर्माण के लिए करीब 15 करोड़ रुपये का बजट भेजा गया है। - राजेंद्र प्रसाद, सहायक इंजीनियर, लोनिवि, रुद्रपुर।