खटीमा। नगर से लगे आरक्षित वन क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने की दूसरे चरण की कार्रवाई के तहत वन विभाग की टीम ने लगभग 20 कच्चे झाले और टिनशेड ध्वस्त किए। वन विभाग की तीनों रेंजों की संयुक्त टीम ने रेलवे लाइन से लगी वन सीमा में 42 झोपड़ियां ध्वस्त कीं। इसके अतिरिक्त नगर पालिका के वार्ड संख्या 13 से लगी आरक्षित वन भूमि पर अतिक्रमण भी चिह्नित किए। अतिक्रमणकारियों से दो टूक कहा गया कि न्यायालय के निर्देश पर चल रही कार्रवाई के तहत अब अलग नोटिस नहीं बल्कि अतिक्रमण स्वयं हटा लेने के निर्देश ही अंतिम हैं।
उप प्रभागीय वनाधिकारी तराई पूर्वी वन प्रभाग के निर्देश पर दूसरे चरण की कार्रवाई के तहत रेंजर राजेंद्र सिंह मनराल के नेतृत्व में रेलवे लाइन के आगे आरक्षित वन क्षेत्र से 42 छप्पर और रंगीला, हनीफ, राजा बाबू, योगेश, जाहिद, आशिफ, तारिक, शहादत, राजू, पवन, रंजन, मुकंदी, अकरम, सेठी, विंजौला, राम कुमार, वहीदउल्ला आदि के टिनशेड, छप्पर और लकड़ी के झाले ध्वस्त किए गए।
शेष को एक-दो दिन के भीतर स्वयं अतिक्रमण हटा लेने की चेतावनी दी। रेंजर के साथ रेंजर सुरई सुधीर कुमार, रेंजर किलपुरा जीवन चंद्र भट्ट ने 50 वन कर्मियों की टीम के साथ सोमवार दिन भर अभियान चलाया। टीम ने वार्ड संख्या-13 से लगी वन भूमि पर हुए अतिक्रमण को चिह्नित किया। उन्हें स्वयं अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी।
आरक्षित साल बोझी एक व दो को खाली करने संबंधी अंतिम चेेतावनी मंगलवार को दी जाएगी। अतिक्रमण ध्वस्त करने गई टीम के समक्ष अतिक्रमणकारियों ने एक-दो दिन का समय मांगा था। दो दिन मंगलवार को पूरे हो रहे हैं। न्यायालय के आदेश के अनुपालन में अतिक्रमण हटाया जाना है। इसका शत-प्रतिशत अनुपालन होना है। दो दिन तक स्वयं अतिक्रमण न हटाने पर अब वन विभाग कार्रवाई करेगा।
-संतोष पंत, एसडीओ वन विभाग।