खटीमा। आरक्षित वन क्षेत्र साल बोझी एक और दो की 22 हेक्टेयर जमीन से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। हाईकोर्ट के आदेश पर प्रथम चरण में आरक्षित वन क्षेत्र में खाई खोदकर हदबंदी की जा रही है। इसके साथ ही खाली पड़े लगभग 17 झालों को ध्वस्त किया गया। शेष लोगों को दो दिन के भीतर स्वयं अतिक्रमण हटा लेने के निर्देश दिए गए हैं। आरक्षित वन क्षेत्र में 31 लोगों की ओर से अतिक्रमण किया गया है।
आरक्षित वन क्षेत्र साल बोझी में लकड़ी व्यवसायियों और कुछ लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। हाल ही में हाईकोर्ट ने वन भूमि से अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए हैं। इस पर लकड़ी व्यवसायी डीएफओ तराई पूर्वी वन प्रभाग से मिले। डीएफओ ने व्यवसायियों को बताया कि अपना पक्ष रखने के लिए वे अपीलीय प्राधिकरण अधिकारी/वन संरक्षक पश्चिमी वृत्त के यहां अपील कर सकते हैं। लकड़ी व्यवसायियों ने अपीलीय अधिकारी के यहां अपील की जिसे अपीलीय अधिकारी ने खारिज कर दिया। डीएफओ तराई पूर्वी ने 24 नवंबर को रेंजर खटीमा को पत्र जारी कर एक सप्ताह के भीतर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। अतिक्रमण हटाने के लिए एसडीओ और रेंजर खटीमा को नोडल अधिकारी बनाया गया।
रविवार को एसडीओ संतोष पंत के नेतृत्व में खटीमा रेंजर राजेंद्र सिंह मनराल, किलपुरा रेंजर जीवन चंद्र उप्रेती, सुरई रेंजर सुधीर कुमार सहित बाराकोली रेंज सितारगंज, वन सुरक्षा दल, रनसाली, जौलासाल रेंज के वन कर्मी और पुलिस टीम आरक्षित वन क्षेत्र साल बोझी पहुंची। मौके पर एसडीएम रविंद्र सिंह बिष्ट भी मौजूद रहे। वन विभाग की टीम की अतिक्रमणकारियों और कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष बॉबी राठौर, कांग्रेस नगर अध्यक्ष रवीश भटनागर, राज किशोर सक्सेना से तीखी नोकझोंक भी हुई।
कांग्रेसियों का आरोप था कि बिना सूचना एवं नोटिस के अतिक्रमणकारियों को हटाना गलत है। उन्होंने दो दिन की मोहलत देने की मांग की। वन विभाग ने हाईकोर्ट का आदेश दिखाते हुए आरक्षित वन क्षेत्र से अतिक्रमण को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी। टीम ने अतिक्रमणकारी फूला देवी, रुकसाना, पवन ठाकुर, शहादत आदि के झालों को तोड़ दिया। वहां वन सुरक्षा दल अधिकारी देवेंद्र प्रकाश आर्य, डिप्टी रेंजर सुखदेव मुनि, वन दरोगा धन सिंह अधिकारी, प्रवेश सिंह राणा, जगेंद्र वर्मा, खीमानंद आर्या, मुकेश कुमार, उत्तम सिंह राणा, बाजार चौकी प्रभारी होशियार सिंह समेत वनकर्मी आदि थे।
खटीमा में आरक्षित वन क्षेत्र साल बोझी में अतिक्रमण ध्वस्त करती जेसीबी। संवाद- फोटो : KHATIMA