काशीपुर के ग्राम बरखेड़ा पांडे में किसान पंचायत के दौरान मंचासीन किसान नेता। संवाद
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काशीपुर। भूमि बचाओ किसान पंचायत में बड़ी संख्या में जिले भर से किसान नेताओं ने भाग लिया। पंचायत में सरकार की ओर से 11 किसानों को जमीनें खाली करने के लिए नोटिस देने की निंदा की गई।
शुक्रवार को ग्राम बरखेड़ा पांडे गिरधई में आयोजित किसान पंचायत में वक्ताओं ने कहा कि 11 किसान वर्ष 1970 से भूमि पर खेती कर रहे हैं। करीब 13 एकड़ के इस रकबे पर कई खेतों में घर भी बने हुए हैं। अब सरकार ने जमीन सीलिंग की बताकर उन्हें खाली करने के नोटिस दिए हैं। वक्ताओं ने सरकार पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाया। कहा कि जब तक नोटिस वापस नहीं लिया जाता है तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।
संयोजक एवं यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष (युवा) जितेंद्र सिंह जीतू ने कहा कि सरकार सैकड़ों किसानों को जेल भेजकर ही जमीनें ले सकती है। उन्होंने शुक्रवार से अनिश्चितकालीन धरना करने की घोषणा की। पंचायत में पहुंचे भूमि बचाओ आंदोलन के संयोजक संयुक्त किसान मोर्चा के नेता जगतार सिंह बाजवा ने कहा कि सरकार कई हथकंडे अपनाकर किसानों की भूमि छीनने का षड्यंत्र रच रही है। इसके उदाहरण तराई क्षेत्र में देखने को मिल जाएंगे। बरखेड़ा पांडे भूमि प्रकरण भी उन्हीं षड्यंत्रों का एक नमूना है जिसे किसी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा। किसानों की एक इंच भूमि भी निकलने नहीं दी जाएगी। पंचायत में यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष करम सिंह पड्डा, अवतार सिंह, जनकवि बल्ली सिंह चीमा, वलजिंदर सिंह संधू, कल्याण सिंह, प्रेम सिंह सहोता आदि मौजूद रहे।