रुद्रपुर में पत्रकार वार्ता करते गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता कमेटी के सदस्य।
रुद्रपुर। गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब की प्रबंधक कमेटी के नए अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर सदस्यों के बीच विवाद पैदा हो गया है। निवर्तमान अध्यक्ष हरबंश सिंह चुघ के समर्थक सदस्यों ने नवनियुक्त अध्यक्ष जोगिंदर सिंह संधू का विरोध किया और उनके मनोनयन को असंवैधानिक बताया। डीएम से मामले का संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की मांग की।
रविवार को शहर के एक निजी होटल में गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब की प्रबंध कमेटी के सदस्यों ने पत्रकार वार्ता की। सदस्यों ने कहा कि बीते 28 मार्च को बाबा तरसेम सिंह की हत्या होने के बाद दुर्भावना के तहत मामले में डॉ. चुघ को नामजद किया गया। इससे आहत होकर 16 अप्रैल को चुघ ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे पर विचार करने के लिए उपाध्यक्ष कमलेश कौर ने 27 अप्रैल को पत्र जारी कर लिखित मत मांगे। इसके इतर जनरल सेक्रेटारी ने 28 अप्रैल को एक पत्र जारी कर पांच मई को बैठक बुलाकर सभी सदस्यों को इस पर फैसला लेने की बात कही। दो मई को गदरपुर गुरुद्वारे में बैठक और डायरेक्टरों की सहमति के बाद अध्यक्ष ने ईमेल के जरिये अपना त्याग पत्र वापस ले लिया।
आरोप लगाया कि रविवार बैठक में बिना रायशुमारी के हरबंश सिंह चुघ का इस्तीफा मंजूर कर नए अध्यक्ष की नियुक्ति कर दी गई, जबकि 16 सदस्य उनके इस्तीफे को नामंजूर कर अपने शपथपत्र लेकर पहुंचे थे। कहा कि नए अध्यक्ष की नियुक्ति असांविधानिक है। किसी भी अध्यक्ष को हटाने के लिए उपाध्यक्ष की मौजूदगी में कमेटी के सदस्यों की बैठक होती है। आरोप लगाया कि दूसरे पक्ष के लोगों ने दबंगई व कूटरचित तरीके से नए अध्यक्ष की नियुक्ति की है। उन्होंने जोगिंदर पक्ष के सदस्यों पर अभद्रता व मारपीट करने का भी आरोप लगाया। वहां अध्यक्ष डॉ. हरबंश सिंह चुघ, उपाध्यक्ष कमलेश कौर, निर्मल सिंह हंसपाल, प्रीतपाल सिंह, हरजिंदर सिंह, कुलदीप सिंह, गुरमीत सिंह, पलविंदर सिंह, सुखदेव सिंह, गुरसेवक सिंह आदि थे।