काशीपुर। अल्मोड़ा पुलिस के कब्जे से हथकड़ी सहित फरार तस्कर शहनवाज अहमद का चौथे दिन भी कोई सुराग नहीं लगा। कैदी के भागने में अल्मोड़ा पुलिस टीम की घोर लापरवाही सामने आ रही है। अल्मोड़ा पुलिस की टीम तस्कर के साथ 19 जून की शाम से रामनगर रोड स्थित एक होटल में ठहरी थी जबकि टीम ने काशीपुर कोतवाली में दर्ज रिपोर्ट में लिखा कि वह मुल्जिम को लेकर 20 जून की सुबह नगीना (बिजनौर) जा रहे थे। होटल के सामने सुबह लगभग 4:30 बजे कैदी शहनवाज लघुशंका की बात कहकर वह वाहन से उतारा और पुलिस कर्मियों को धक्का देकर हथकड़ी समेत फरार हो गया। पुलिस ने होटल के सीसीटीवी की डीवीआर कब्जे में ले लिया है।
अल्मोड़ा पुलिस के एएसआई दयान दत्त ने 20 जनवरी को दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा कि वह अल्मोड़ा के कांस्टेबल महेश प्रसाद व सूरज नाथ और वाहन चालक कांस्टेबल प्रमोद ध्यानी के साथ अल्मोड़ा जेल में बंद शहनवाज अहमद निवासी ग्राम हकीकत थाना नगीना (बिजनौर) यूपी को लेकर नगीना न्यायालय में पेशी के लिए जा रहे थे। शहनवाज ने रामनगर रोड पर काशीपुर में होटल प्रेमदीप के सामने लघुशंका की बात कही। गाड़ी से उतारते समय शहनवाज कांस्टेबल महेश प्रसाद और सूरज नाथ को धक्का देकर भाग गया। होटल कर्मियों ने बताया कि पुलिस की टीम 19 जून की शाम लगभग साढ़े पांच बजे होटल में आ गए थे और रात में वहीं ठहरे थे। होटल के एक कर्मी ने बताया कि काशीपुर पुलिस पूछताछ कर सीसीटीवी की डीवीआर साथ ले गई है। होटल के रजिस्टर में चार पुलिस कर्मियों के नाम दर्ज हैं।
इधर पुलिस की तीन टीम फरार शहनवाज की तलाश कर रही है। अल्मोड़ा टीम का नेतृत्व कर रहे कोतवाल संजय पाठक नगीना में डेरा डाले हुए हैं। पाठक ने बताया कि शहनवाज अहमद जल्द ही पुलिस के कब्जे में होगा।
पुलिस की अपनी एसओपी होती है पुलिस उसके मुताबिक काम करती है। वह लोग यहां कहां पर रुके और कब और कहां जाना है, इसकी जानकारी कोतवाली पुलिस को होनी चाहिए थी। वहीं यदि रुकना था पुलिस को सूचना देनी चाहिए थी और कैदी को हवालात में रखना चाहिए जहां पुलिस का पहरा रहता। नियम विरुद्ध के चलते अल्मोड़ा के उन सभी पुलिस कर्मियों को निलंबित किया गया है। अब जब कैदी पकड़ जाएगा तब घटनाक्रम का खुलासा किया जाएगा। - अभय प्रताप, एसपी काशीपुर।