चार साल में शुरू नहीं हो सका बाइपास चौड़ीकरण का कार्य, खर्चा बढ़कर हुआ दोगुना
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। शहर से होकर गुजर रहे काशीपुर बाइपास के चौड़ीकरण का कार्य चार साल बाद भी शुरू नहीं हो सका है। कागजों में ही चल रहे विकास को लेकर हो रही देरी से इसकी लागत भी बढ़ रही है। चार साल पहले पानी और बिजली की लाइन शिफ्टिंग के लिए 1.66 करोड़ रुपये का स्टीमेट शासन को भेजा गया था। शासन की ओर से नया स्टीमेट मांगने के बाद अब यह बढ़कर 3.14 करोड़ रुपये पहुंच गया।
काशीपुर बाइपास पर वाहनों के बढ़ते बोझ और जाम के चलते इसे फोरलेन बनाने का फैसला किया गया था। इसके बाद साल 2019 में बाइपास के चौड़ीकरण की कवायद शुरू की गई। इस प्रोजेक्ट के पहले चरण में बिजली के पोल शिफ्टिंग के साथ ही नए पोल लगाने के लिए एक करोड़ 17 लाख रुपये का स्टीमेट तैयार किया गया था। वहीं पेयजल लाइनों को हटाने के लिए 49 लाख रुपये का स्टीमेट बनाया गया था। यह योजना परवान चढ़ती इससे पहले ही इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने शासन में बाइपास के चौड़ीकरण की आवश्यकता नहीं होने की बात कही गई थी।
विधानसभा चुनाव के बाद विधायक शिव अरोरा के प्रयासों से फिर से बाइपास को लेकर संबंधित विभाग सक्रिय हुए थे। इसके बाद शासन की ओर से नया स्टीमेट मांगा गया था। नए स्टीमेट में पेयजल लाइनों को हटाने के लिए 92.10 लाख रुपये और बिजली पोल शिफ्टिंग, नए पोल को लगाने के लिए दो करोड़ 22 लाख रुपये का खर्च आ रहा है। इस प्रोजेक्ट में देरी के चलते प्रोजेक्ट की लागत में इजाफा हो रहा है।
पेयजल और बिजली पोल के शिफ्टिंग का प्रपत्र बनाकर शासन को जल्द ही भेजा जाएगा। इसके साथ ही पैसा स्वीकृत होने के बाद इन विभागों से काम कराया जाएगा। - राजेंद्र प्रसाद - सहायक अभियंता, लोनिवि