रुद्रपुर। बसों का अधिग्रहण होने से विवाह समारोह वाले परिवारों के सामने बरात ले जाने के लिए वाहनों का संकट खड़ा हो गया है। रुद्रपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में बस, मिनी बस सहित छोटे वाहनों के अधिग्रहण करने से 50 से अधिक की संख्या में बारात की बुकिंग रद्द करनी पड़ी। ऐसे में लोगों को अपने विवाह समारोह में बरातियों की संख्या में कटौती करनी पड़ रही है। वहीं ट्रेवल्स वालों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
नवरात्र बीतते ही शादी-विवाह का दौर शुरू हो गया। इधर लग्न के साथ ही 19 अप्रैल को लोकसभा चुनाव के प्रथम चरण का मतदान शुरू होने से शादी वाले कई घरों में लोग परेशान हैं। अधिकतर वर पक्ष ने बस, कार सहित अन्य वाहन की बुकिंग एडवांस में करा ली थी। हालांकि लोकसभा चुनाव में वाहनों के अधिग्रहण होने से बसों और छोटे वाहन स्वामियों को बुकिंग रद्द करनी पड़ी। बुकिंग लौटाए जाने के बाद पीड़ित दूसरे वाहनों की तलाश कर रहे हैं पर उन्हें जल्दी वाहन नहीं मिल रहे हैं। बृहस्पतिवार को पोलिंग पार्टियों की रवानगी हो गई। अब जब तक मतदान कराकर पोलिंग पार्टियां वापस नहीं आ जाती तब तक वाहन खाली नहीं हो पाएंगे। एक बस संचालक ने बताया कि बसों का अधिग्रहण हो जाने से 15 से अधिक बुकिंग वापस करनी पड़ी। संवाद
34 लोगों ने किया है आवेदन
कलक्ट्रेट में 34 लोगों ने शादी समारोह के लिए आवेदन किया है। इसके अलावा कई लोग बिना अनुमति के भी विवाह कर रहे हैं। कलक्ट्रेट में अनुमति लेने आए एक व्यक्ति ने बताया कि 19 अप्रैल को बेटे की बरात जानी है। चुनाव के चलते उन्हें खोजने से भी बसें नहीं मिल पा रही है। बस मालिकों ने बुकिंग वापस कर दी। छोटे वाहन भी चुनाव में लगे होने से परेशानी हो रही है। किसी तरह रिश्तेदारों और पड़़ोसियों के वाहनों से बरात ले जाई जाएगी। संवाद
जिले में अधिग्रहीत वाहन
410 - बस और मिनी बस
406 - मैक्स और टैक्सी
शादी-विवाह के समय को देखते हुए सभी सेक्टर, जोनल व क्षेत्र के सर्किल आफिसर को पहले ही निर्देश दे दिए गए हैं कि किसी शादी वाले लोगों को परेशान न होना पड़े। जरूरतमंदों को परमिशन में देरी न की जाए।
- उदयराज सिंह, डीएम।