जिले में लंपी वायरस को लेकर अलर्ट, 18 हजार वैक्सीन पहुंची, की जाएगी फॉगिंग
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। गोवंशीय पशुओं में होने वाले लंपी वायरस को लेकर जिले में भी अलर्ट जारी हो गया है। दूसरे जिले और यूपी सीमा से आने वाले पशुओं के लिए बार्डर सील रहेंगे। लंपी वायरस से बचाव के लिए जिले में 18 हजार वैक्सीन पहुंच गई हैं। गांव और शहरों में जल्द फॉगिंग भी कराई जाएगी।
जिले में गोवंशीय पशुओं की डेढ़ लाख आबादी है। पशुपालन विभाग की ओर से छह माह पहले एक लाख 18 हजार गोवंशीय पशुओं में गोटपॉक्स वैक्सीन लगा दी गई है। शेष 32 हजार गोवंशीय पशुओं का अभी वैक्सीनेशन नहीं हुआ है। इसके लिए दिल्ली से गोटपॉक्स वैक्सीन जिले में पहुंच गई है।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एसबी पांडेय ने बताया कि जिले में एलएसडी वायरस का असर अभी देखने को नहीं मिला है। इसका कारण है कि पूर्व में ही यूपी सीमा से सटे गांवों के पशुओं का टीकाकरण कर दिया गया है। अब उन गोवंशीय पशुओं को टीका लगाया जाएगा, जिन्हें पहले टीका नहीं लगा है। एक लाख वैक्सीन की डोज और पहुंचने पर दोबारा उन पशुओं में वैक्सीन लगाई जाएगी, जिसमें वैक्सीन का असर कम हो गया हो।
राज्य के अन्य जिलों में गोवंशीय पशुओं में लंपी वायरस बेहद तेजी से फैल रहा है। अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, नैनीताल, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग और टिहरी जिले में अब तक 3131 पशु लंपी से संक्रमित हो चुके हैं।
-
चार माह से अधिक आयु के पशुओं को लगेगा टीका
सितारगंज। नगर के पशु चिकित्सालय को एक हजार मवेशियों के लिए टीके मिले हैं। बृहस्पतिवार को पशुपालन विभाग के वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉ. जितेंद्र कुमार ने बताया कि पैरावेट और पशुधन प्रसार अधिकारियों को टीकाकरण में लगाया जा रहा है। पहले दिन नगर से सटे पंडरी गांव में लगभग 50 गोवंशीय पशुओं को लंपी रोग से बचाव के लिए टीके लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि चार माह से अधिक आयु के गोवंशीय पशुओं का टीकाकरण किया जाएगा। क्षेत्र में चिह्नित करीब सात हजार गोवंशीय पशुओं का टीकाकरण किया जाना है।
-
चंपावत के 64 सैंपल रुद्रपुर से आईवीआरआई लैब बरेली भेजे
रुद्रपुर। चंपावत जिले में लंपी वायरस को देखते हुए पशु चिकित्सकों की टीम ने 64 सैंपल एकत्र कर बरेली स्थित आईवीआरआई लैब के लिए भेज दिए गए हैं। पशु रोग अनुसंधान प्रयोगशाल की संयुक्त निदेशक डॉ. सपना मिश्रा ने बताया कि पशु चिकित्साधिकारी डॉ. मीना हरीश चंद्र के निर्देश पर रुद्रपुर से सैंपलिंग टीम का गठन किया गया। चंपावत के ग्राम पंचायत बूडन, मथियाबांग, तलियाबांज, बेलखेत व बमनजौल आदि क्षेत्रों से गोवंशीय पशुओं के 14 स्वाब, 25 रक्त और 25 सीरम के सैंपल लिए गए। सभी सैंपल रुद्रपुर लैब से बरेली भेज दिए गए हैं। करीब 10 दिन में रिपोर्ट मिलेगी। वहां इंद्रजीत सिंह, अशोक गरकोटी, अनिल कुमार, रविंद्र आर्या थे। संवाद
-
फोटो-11आरडीपी15पी- चंपावत जिले में गोवंशीय पशुओं की सैंपलिंग करती रुद्रपुर पशु लैब की टीम।
पंतनगर के डेरी फार्म में बाहरी लोगों की आवाजाही पर रोक
- पशुओं के बाड़े में की जा रही फॉगिंग और फ्यूमिगेशन
संवाद न्यूज एजेंसी
पंतनगर। प्रदेश के पर्वतीय जिलों में गाय-भैसों में पांव पसार रही लंपी स्किन बीमारी को लेकर पंत विवि के शैक्षणिक डेरी फार्म पर पली गाय-भैसों में प्रभावी रोकथाम के लिए डीन पशु चिकित्सा डॉ. एसपी सिंह की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई। इस दौरान निर्णय लिया गया डेरी फार्म में बाहरी लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक रहेगी।
बैठक में लंपी वायरस की रोकथाम के लिए शैक्षणिक डेरी फार्म पर चल रही तैयारियों का जायजा लिया गया। फार्म के संयुक्त निदेशक डॉ. एसके सिंह ने बताया कि फार्म में तीन माह से ऊपर के सभी पशुओं का लंपी बीमारी के लिए वार्षिक टीकाकरण (गोट पॉक्स टीका) सितंबर 2022 में ही पूरा किया जा चुका है। यह टीका पशु को एक वर्ष की प्रतिरोधक क्षमता प्रदान करता है। अगले एक-दो दिनों में डेरी फार्म में तीन माह से ऊपर के सभी पशुओं में दूसरे चरण (बूस्टर डोज) का टीकाकरण शुरू कर एक सप्ताह में पूरा कर लिया जाएगा।
वर्तमान में डेरी फार्म पर सभी पशु स्वस्थ हैं और फार्म में आवश्यक औषधियां, टीका, कीटाणु रोधक लोशन आदि पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। भविष्य के लिए कुछ और औषधियों व रसायनों आदि खरीदने के लिए प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेजा जा रहा है। बीमारी की रोकथाम के लिए सभी जैव सुरक्षा उपाय जैसे पशुओं के बाड़ों में फॉगिंग व फ्यूमिगेशन आदि किया जा रहा है। इसके साथ डेरी फार्म में बाहरी लोगों की आवाजाही पर पूरी रोक रहेगी। केवल फार्म की अति आवश्यक दैनिक गतिविधियां केंद्र व राज्य सरकार की ओर से जारी दिशानिर्देशों के अनुरूप जारी रहेंगी।
डीन पशु चिकित्सा ने बताया कि कुलपति के निर्देशानुसार विवि, पशुपालन विभाग के लगातार संपर्क में हैै। पशु चिकित्सा के अंतिम वर्ष के इंटर्नशिप छात्रों को विवि की परिधि में पले पशुओं के टीकाकरण अभियान में पशु पालन विभाग के सहयोग के लिए भेजा जाएगा। वहां पर विभागाध्यक्ष वीपीएच डॉ. एके उपाध्याय, विभागाध्यक्ष वीएमडी डॉ. जेएल सिंह, सहायक निदेशक डेरी, सहायक निदेशक कुक्कुट व पशु चिकित्सालय अधीक्षक डॉ. संदीप तलवार सहित अनेक मौजूद रहे।