नौगजा कब्रिस्तान में कब्र खोदकर शव बाहर निकालते लोग।
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उत्तराखंड हाईकोर्ट के निर्देश पर पुलिस ने संदिग्ध हालात में मृत किशोर का शव कब्र से निकाला। परगना मजिस्ट्रेट अभय प्रताप सिंह ने शव का पंचनामा भरा। पैनल डाक्टरों से पोस्टमार्टम के लिए शव हल्द्वानी स्थित सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज भेजा है। इससे पूर्व रुद्रपुर से आई फोरेंसिक टीम ने विसरा के नमूने लिए।
मोहल्ला कटोराताल नईबस्ती निवासी मुर्सलीन (17) की 16-17 मई की रात संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। उसका शव घर में चुनरी के सहारे लटका मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किशोर की मौत का कारण गर्दन की हड्डी टूटने से होना बताया गया था।
मृतक के चाचा इमरान ने किशोर को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में कोतवाली में पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए जांच के लिए नैनीताल हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उनका कहना था कि घटना स्थल पर काफी मात्रा में खून था और सिर में एक साइड चोट के निशान थे।
हाईकोर्ट के आदेश पर शुक्रवार को पुलिस ने नौगजा कब्रिस्तान पहुंचकर 19 दिन पूर्व दफनाए गए किशोर का शव कब्र से निकाला। एसडीएम अभय प्रताप ने शव का पंचनामा भरा। फोरेंसिक एक्सपर्ट डा. भूपेंद्र सिंह ने विसरा के नमूने लिए।
वहां सीओ प्रशांत कुमार, कोतवाली प्रभारी हरेंद्र सिंह, कटोराताल चौकी इंचार्ज मीना रावत, एसआई कौशल भाकुनी, एसआई गणेश पाण्डेय आदि प्रशासनिक अधिकारी व मृतक के परिजन मौजूद रहे।