मंडी परिषद ने भवाली में वाइनरी लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। राज्य सरकार से वाइनरी के लाइसेंस के लिए आवेदन किया जा रहा है। परिषद ने प्रोजेक्ट के लिए केंद्र सरकार की एजेंसी से भी बजट मांगा है। पहाड़ में पैदा होने वाले फलों की व्यवस्थाओं के अभाव में बड़े पैमाने पर बर्बादी होती है। मंडी परिषद फलों से वाइन बनाने के लिए कुमाऊं, गढ़वाल मंडल में एक-एक फैक्ट्री लगाने जा रहा है। पहले चरण में भवाली से चार किमी दूर फरसौली में विभाग की 193 नाली जमीन को वाइनरी के लिए चिन्हित किया गया है। करीब 11 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट के लिए बजट एफएल-टू से मिलने वाले लाभांश से जुटाया जाएगा। मंडी उपनिदेशक बीएस चलाल ने बताया कि शासन से वाइनरी के लिए हरी झंडी मिल चुकी है। वाइनरी में तैयार होने वाली वाइन की मार्केटिंग का जिम्मा कुमाऊं और गढ़वाल मंडल विकास निगम को सौंपा जाएगा। वाइनरी का ढांचा तैयार करने के लिए विशेषज्ञ इंजीनियरों को बुलाया जाएगा। परिषद के महाप्रबंधक तकनीकी विजय कुमार ने बताया कि वाइनरी में फलों से रेड, व्हाइट वाइन के साथ ही साइडर, सिरका भी तैयार किया जाएगा। केंद्र सरकार की एजेंसी एपीडा को भी प्रोजेक्ट मंजूरी के लिए भेजा गया है। उन्होंने बताया कि भवाली में जिस जगह वाइनरी लगनी है, वहां पानी, बिजली की सुविधा उपलब्ध है। वाइनरी के लाइसेंस के लिए शासन में आवेदन किया जा रहा है।