रुद्रपुर। एक लाख रुपये की घूस लेते हुए रंगे हाथ पकड़े गए डीपीआरओ के पास आय से अधिक संपत्ति होने की आशंका है। तलाशी के दौरान उसके घर से कई प्राॅपर्टी और बैंक खातों के दस्तावेज मिले हैं। विजिलेंस टीम ने सभी दस्तावेज को जब्त कर लिया है। जल्द ही विजिलेंस टीम आरोपी के बैंक खातों और प्रापर्टी की जांच करेगी।
बृहस्पतिवार शाम को नैनीताल रोड स्थित एक मॉल से विजिलेंस हल्द्वानी की टीम ने जिला पंचायतीराज अधिकारी रमेश चंद्र त्रिपाठी को एक लाख रुपये की घूस लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा था। देर शाम को विजिलेंस की एक टीम ने कलक्ट्रेट परिसर स्थित उसके सरकारी आवास में तलाशी ली और वहां से 25.71 लाख रुपये की नकदी बरामद हुई। साथ ही टीम को वहांं से कई प्राॅपर्टी के दस्तावेज और बैंक खातों के दस्तावेज मिले। शुक्रवार को कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने उसे निलंबित कर उसके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दे दिए। इधर, विजिलेंस टीम ने भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत उसे न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया। एसपी विजिलेंस प्रह्लाद नारायाण मीणा ने बताया कि आरोपी के खिलाफ जांच चल रही है। प्रथमदृष्टया उसके पास आय से अधिक संपत्ति होने की आशंका है। उसके घर से कई प्रापर्टी के दस्तावेज और भारी मात्रा में नकदी मिली है। जिनकी जांच कराई जाएगी। जल्द ही उसके बैंक लॉकर और बैंक खातों की भी जांच शुरू होगी। इसके बाद ही स्पष्ट होगा कि प्रापर्टी और नकदी कहां से आई और किसकी थी।
कई अधिकारियों का चहेता था त्रिपाठी
रुद्रपुर। विजिलेंस टीम के हत्थे चढ़ा डीपीआरओ लगभग सभी उच्च विभागीय अधिकारियों का खास बताया जा रहा है। कुमाऊं के एक बड़े अधिकारी का चहेता होने की भी चर्चा है। उस पर पहले भी कई तरह के दबे-छिपे आरोप लगे। लेकिन शिकायत न होने और प्रमाण न होने पर किसी मामले में कोई कार्यवाही नहीं हुई। वहीं डीपीआरओ के खिलाफ बड़ी कार्यवाही होने की आशंका है। संवाद
भारी मात्रा में मिली नकदी पर अन्य लोगों का नाम भी आया सामने
रुद्रपुर। डीपीआरओ के घर से मिली 25.17 लाख की नकदी में कुछ और लोगों का नाम भी सामने आया है। सूत्रों का कहना है कि पूछताछ में डीपीआरओ ने बरामद नकदी को किसी और का बताया है। हालांकि यह गोल-मोल जवाब भी हो सकता है। लेकिन मामले जांच होने के बाद सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा।