काशीपुर। बहला नदी के रौद्र रूप ने बाढ़ प्रभावित हेमपुर इस्माइल वासियों के जख्म फिर से हरे कर दिए हैं। घरों और छतों पर चढ़े प्रभावितों को एसडीआरएफ और प्रशासन ने नाव से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित 11 परिवारों को राहत केंद्र खाने-पीने की व्यवस्था कराई। गेबिया उफनाने पर कचनाल गाजी, प्रभु विहार, आरके पुरम, आर्य नगर आदि क्षेत्रों में जल भराव हो गया।से पोस्टमार्टम हाउस की कई मीटर दीवार भी धराशायी हो गई।
बुधवार देर रात 11 बजे बहला नदी का जलस्तर बढ़ने लगा। बृहस्पतिवार तड़के बाढ़ के पानी से हिम्मतपुर क्षेत्र में चार से पांच फुट तक पानी भर गया। इस दौरान प्रभावितों में अफरा-तफरी मच गई। लोग अपने आशियाने से सामान समेटने लगे। हर तरफ पानी का मंजर दिखने पर प्रभावितों की सांसें अटकी रहीं। पानी घुसने से लोगों ने छत पर डरे सहमे रात गुजारी। सूचना पर तहसीलदार युसूफ अली भी मौके पर पहुंचकर रातभर नजर बनाए रहे।
बृहस्पतिवार की सुबह एसडीआरएफ और प्रशासन की टीम ने नाव से रेस्क्यू अभियान शुरू किया। इस दौरान टीम ने 11 परिवारों के 49 लोगों को सकुशल निकाल कर हिम्मतपुर राजकीय प्राथमिक विद्यालय में बने अस्थायी राहत शिविर पहुंचाया। तहसीलदार ने बताया कि जलस्तर कम नहीं हो रहा है।
24 घंटे बाद मिला भोजन
काशीपुर। मालवा फार्म में बहला नदी का पानी घुसने से आधा दर्जन लोगों के घरों में पानी घुस गया। प्रभावित ब्रजेश द्विवेदी, महेश जोशी, महेंद्र नेगी, अजय नेगी ने बताया कि रात भर छत पर बैठकर पानी उतरने का इंतजार करते रहे, लेकिन सुबह होते हुए जल स्तर और बढ़ गया। बाढ़ के बाद से बृहस्पतिवार को जनप्रतिनिधि के यहां से 24 घंटे में भोजन मिल सका। पानी भी पड़ोसियों से मांग कर पी रहे हैं। लेखपाल को कई फोन किए, लेकिन आए नहीं, उन्हें क्षेत्र से हटाया जाए।