रुद्रपुर। तराई सिख महासभा और भारतीय सिख संगठन ने बाबा तरसेम सिंह हत्याकांड की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि केस में नामजद किए गए डॉ. हरबंश सिंह चुघ, बाबा अनूप सिंह और सरदार प्रीतम सिंह संधू के नाम जांच के आधार पर केस से निकालसा जाए। उन्होंने मामले में निर्दोष लोगों का उत्पीड़न नहीं करने की वकालत की है।
सोमवार को एक होटल में पत्रकार वार्ता में संगठनों से जुड़े दर्शन सिंह, रिटायर्ड कर्नल गुरदेव सिंह और बलजीत सिंह ने कहा कि बाबा तरसेम सिंह की हत्या को एक महीना पूरा हो चुका है। हत्या के पहले दिन से ही अलग-अलग पृष्ठभूमि के लोगों के नाम एफआईआर में शामिल किए गए थे। केस में नामजद तराई सिख महासभा के अध्यक्ष सरदार प्रीतम सिंह गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अस्तित्व को बचाने के लिए हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में लड़ाई लड़ रहे हैं। दूसरे नामजद नानकमत्ता प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सरदार हरबंस सिंह चुघ ने पूरे घटनाक्रम से व्यथित होकर पद से इस्तीफा दे दिया है। तीसरे नामजद बाबा अनूप सिंह कई साल पहले ही दिल्ली वाली कारसेवा से अलग हो चुके हैं। उनका कहना है कि यदि सरकार पक्षकार के रूप में नामजद किए गए लोगों का उत्पीड़न करती है तो इसकी सीबीआई जांच की जाए। उन्हाेंने एसएसपी मंजूनाथ टीसी को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान बलवीर सिंह, लखविंदर सिंह, डॉ. दलजीत सिंह, दविंदर सिंह, अमरजीत सिंह, संतोख सिंह रंधावा, महेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।