रुद्रपुर में रैली के दौरान प्रदर्शन करतीं आशा कार्यकर्ता।
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आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन के बैनर तले निकाली रैली, ज्ञापन भेजा
रुद्रपुर। न्यूनतम वेतन और स्थायी कर्मचारी घोषित करने की मांग के लिए आशा कार्यकर्ताओं ने रैली निकाली और सीएमओ कार्यालय परिसर में धरना दिया। उन्होंने सीएम को संबोधित ज्ञापन सीएमओ डॉ. मनोज कुमार शर्मा को सौंपा। चेताया कि मांगों पर सरकार ने गौर नहीं किया राज्यव्यापी आंदोलन होगा।
शनिवार को ट्रेड यूनियन एक्टू से जुड़ीं उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन की विभिन्न ब्लॉक क्षेत्रों से आईं आशाओं ने जिला अस्पताल से रैली निकाली। सीएमओ कार्यालय में धरने के दौरान यूनियन की जिलाध्यक्ष ममता पानू ने कहा कि आशाओं से गर्भवती महिलाओं व नवजात शिशुओं की सेवा के अलावा विभागीय अभियान, सर्वे के काम कराए जाते हैं लेकिन सरकार उन्हें न्यूनतम वेतन तक देने को तैयार नहीं है।
आशाओं की लगातार ट्रेनिंग होती हैं, उसका भी खर्च किराये से कम दिया जाता है। विभिन्न मदों का पैसा छह-छह माह तक नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि पल्स पोलियो अभियान में भी प्रतिदिन 100 रुपये देकर सप्ताह भर अभियान चलवाया जाता है। खटीमा ब्लॉक अध्यक्ष केशवी देवी ने आरोप लगाया कि आशा वर्कर्स का खुलेआम शोषण हो रहा है। जिला सचिव कुलविंदर कौर ने कहा कि 31 अगस्त 2021 को यूनियन के आंदोलन के बाद मुख्यमंत्री ने खटीमा कैंप कार्यालय में प्रतिनिधिमंडल से वार्ता कर मासिक मानदेय नियत करने व डीजी हेल्थ के बनाए प्रस्ताव को लागू करने का वादा किया था। तीन साल बीतने के बावजूद वादा पूरा नहीं किया। ट्रेनिंग और पल्स पोलियो अभियान के दौरान प्रतिदिन पांच सौ रुपये दिए जाएं। वहां पर प्रदेश उपाध्यक्ष रीता कश्यप, जसपुर ब्लाॅक अध्यक्ष बबीता कश्यप ललित मटियाली, सुधा शर्मा, विमलेश यादव, जानकी, गीता सैनी, रूपेंद्र कौर, निशा शर्मा, राजेश्वरी आदि थीं।