काशीपुर। रोडवेज डिपो पर भीषण गर्मी के बीच शुद्ध पेयजल का संकट खड़ा हो गया है। यहां पर लगा हैंडपंप खराब है और सालों पहले एक संस्था द्वारा लगाए गए वाटर कूलर के खराब होने के बाद उसे भी हटा दिया गया है।
काशीपुर रोडवेज डिपो से दिल्ली, चंडीगढ़, हरिद्वार, देहरादून आदि स्थानों के लिए कुल 46 बसों का संचालन होता है। रुद्रपुर, बरेली डिपो की बसें भी डिपो तक आती हैं। जिस कारण दिनभर में कई बसों के फेरे लगने से हजारों यात्रियों का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन डिपो में शुद्ध पेयजल व्यवस्था नहीं होने के चलते यात्री सील बंद बोतल का पानी खरीद कर पीने को विवश हैं। डिपो में सालों पहले एक संस्था ने वाटर कूलर लगाया था। वाटर कूलर खराब होने के बाद से न तो उसे ठीक कराया गया और न ही बदला गया। वहीं डिपो में लगे हैंडपंप को भी खराब हुए लंबा समय बीत गया है। उसे भी ठीक कराने की जहमत किसी ने नहीं उठाई। डिपो की ओर से वर्कशॉप परिसर में बने ओवरहैड टैंक से जोड़ कर एक टोंटी लगाई गई है, लेकिन टैंक का पानी पीने से यात्री व डिपो कर्मचारी भी बचते हैं। इस कारण कर्मचारियों ने अपने कार्यालय में तो पानी कैंपर की व्यवस्था की हुई है लेकिन यात्रियों के लिए कोई उचित व्यवस्था नहीं है। डिपो अधिकारियों का कहना है डिपो स्तर से वाटर कूलर के बजट की कोई व्यवस्था नहीं होती है।
एआरएम, काशीपुर डिपो, अनिल सैनी ने बताया कि डिपो स्तर से वाटर कूलर के लिए बजट नहीं होता है। पहले भी एक संस्था ने ही वाटर कूलर लगाया था। यात्रियों के लिए टैंक से पानी की व्यवस्था की हुई है।