खटीमा। तयशुदा तिथि तीन अक्तूबर को भारी जद्दोजहद के बाद मंडी परिसर में किसानों का 60 ट्राली धान की कच्चा आढ़त के तहत खरीद की गईं। इसके लिए किसानों को चार घंटे मंडी समिति के मुख्य गेट पर धरना देना पड़ा।
इस दौरान क्षेत्रीय विधायक भुवन कापड़ी, उपजिलाधिकारी रविंद्र सिंह बिष्ट, सीओ वीर सिंह, एसमआई जगदीश कलौनी, एडीओ सहकारिता अपर्णा बल्दिया, मंडी सचिव ललित मोहन पांडे ने राइस मिलर्स एसोसिएशन एवं भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों से अलग-अलग वार्ता की लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।
भाकियू जिलाध्यक्ष गुरसेवक सिंह, अवतार सिंह, जसविंदर सिंह पप्पू, हरप्रीत सिंह एवं भाकियू चढूनी ब्लॉक अध्यक्ष मनजिंदर सिंह भुल्लर ने एक स्वर में कहा कि यदि कच्चा आढ़तियों को एक अक्तूबर से खरीद में कोई दिक्कत थी तो उन्होंने 29 व 30 सितंबर को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में समस्याएं क्यों नहीं रखीं। तब एक अक्तूबर को धान खरीद की हां भरी और दो दिन बाद भी धान खरीद में टालमटोल की जा रही है। इस दौरान क्षेत्रीय विधायक कापड़ी ने डीएम युगल किशोर पंत से वार्ता की। डीएम के निर्देश पर खरीद का दायित्व एसएमआई को सौंपा गया। भाकियू टिकैत एवं चढूनी गुटों की देखरेख में मंडी गेट पर चार घंटे धरना दिया गया।
इधर राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील कुमार अग्रवाल ने अधिकारियों को अपनी समस्या बताते हुए कहा कि राइस मिल संचालकों को गत वर्ष का अभी तक सरकार की ओर से 140 करोड़ का भुगतान नहीं किया है। उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। कच्चा आढ़त से होने वाली खरीद में उन्हें किसान को 72 घंटे में भुगतान अदा करना पड़ता है। राइस मिलर्स को 282 करोड़ का भुगतान होने की चर्चा हैं लेकिन राइस मिल संचालकों के खातों में एक पाई भी नहीं आई है।
राइस मिलर्स ने कहा कि कच्चा आढ़ती खरीद का भुगतान सरकार से होना है। उन्होंने मांग की कि सरकार इसका भुगतान राइस मिलर्स से 72 घंटे में कराने के बजाय सीधे किसान के खाते में ट्रांसफर करने के साथ ही राइस मिल संचालकों को गत वर्ष का भुगतान तत्काल करे ताकि राइस मिलर्स आर्थिक बदहाली से उबर सकें। इस दौरान राइस मिलर्स एसोसिएशन ने अपनी आठ सूत्री मांगों का समाधान कराने की मांग की। वहां पवन अरोड़ा, अनिल बत्रा, योगेश गर्ग, ईश्वर बंसल, हरप्रीत सिंह, संजय अग्रवाल, श्यामसुंदर गर्ग आदि थे।