रुद्रपुर। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) में प्रवेश के लिए ऊधम सिंह नगर जिले से किए गए 711 आवेदन निरस्त हो गए हैं। इसके अलावा 469 आवेदन पेंडिंग में रखे गए हैं जबकि लाॅटरी प्रक्रिया में शामिल कई बच्चों के दस्तावेज सही पाए जाने के बावजूद उन्हें मनचाहा स्कूल आवंटित नहीं हो सका। जिले में अभी भी आरटीई की 2272 सीटें रिक्त हैं। प्रवेश के लिए शीघ्र ही दूसरी लाॅटरी निकाली जाएगी।
जरूरतमंद बच्चों को आरटीई से प्रवेश देने के लिए शिक्षा विभाग ने इस साल जिले में 690 स्कूलों को चिन्हित किया था। इन स्कूलों की आरटीई के तहत आरक्षित 7546 सीटों के लिए 7752 आवेदन प्राप्त हुए थे। जांच में विभिन्न कमियां मिलने पर 711 आवेदन निरस्त हो गए, जबकि 469 को अभी पेडिंग में रखा गया है। लॉटरी प्रक्रिया में जिले के 5274 बच्चों को आरटीई में प्रवेश मिला जबकि लॉटरी में शामिल 1298 बच्चों को एडमिशन नहीं मिल सका।
शिक्षा विभाग के मुताबिक, बच्चों ने जिन स्कूलों में प्रवेश मांगा था, वहां सीटें कम होने के कारण उन्हें प्रवेश नहीं मिल सका। दूसरी लॉटरी होने पर इन बच्चों को एडमिशन मिल सकता है। सीईओ रमेश चंद्र आर्या ने बताया कि उत्तराखंड में आरटीई से सबसे अधिक प्रवेश ऊधम सिंह नगर जिले में हुए हैं। रिक्त सीटों के सापेक्ष आवेदन करने वाले सभी बच्चों को प्रवेश देने के लिए शीघ्र ही दूसरी लॉटरी भी निकाली जाएगी। जिन बच्चों के दस्तावेज सही पाए गए हैं, उन्हें आरटीई में प्रवेश से वंचित नहीं किया जाएगा।